नयी दिल्ली , सितंबर 24 -- स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के नेतृत्व ने बाजार और देश की बाढ़ रणनीतिक आवश्यकताओं को देखते हुए मूल्य वर्धित इस्पात और राष्ट्र निर्माण के लिए आवश्यक अन्य प्रमुख इस्पात उत्पादों की आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने की योजना बनायी है।

सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी ने गुरुवार को हाइब्रिड मोड में अपनी 54वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित की।

बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) डॉ. ए. के. पंडा ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कंपनी के प्रदर्शन की जानकारी दी और आगामी वर्षों के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

डॉ. पंडा ने उल्लेख किया कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और बाजार में उतार-चढ़ाव से भरे चुनौतीपूर्ण वैश्विक इस्पात माहौल के बावजूद, भारत ने विश्व स्तर पर इस्पात मांग की वृद्धि का नेतृत्व करना जारी रखा और दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते प्रमुख इस्पात उत्पादक के रूप में अपना स्थान बनाए रखा। उन्होंने कहा, "सेल ने तकनीकी उन्नयन, वित्तीय विवेक, डिजिटलीकरण, मानव संसाधन पहलों और स्थिरता (सस्टेनेबिलिटी) के प्रयासों से नये मानदंड स्थापित करते हुए मजबूत सुदृढ़ और अनुकूलन क्षमता का प्रदर्शन किया।"डॉ. पंडा ने इस बात पर जोर दिया कि, "वर्ष के दौरान कंपनी ने न केवल क्रूड स्टील, फिनिश्ड स्टील और सेलेबल स्टील के अब तक के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन किया, बल्कि वैल्यू क्रिएशन पर भी विशेष ध्यान दिया। कंपनी ने 107 लाख टन वैल्यू-ऐडेड स्टील का उत्पादन किया, जो कुल सेलेबल स्टील का 56 प्रतिशत था । इसके अलावा, बुनियादी ढांचे, ऑटोमोटिव, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों में 28 नए उत्पाद पेश किये गये, जिसने उभरती राष्ट्रीय और क्षेत्रीय जरूरतों को पूरा करने की सेल की क्षमता को काफी मजबूत किया।"उन्होंने कहा कि इस उन्नत उत्पाद क्षमता ने राष्ट्र निर्माण में कंपनी की भूमिका को सीधे तौर पर सुदृढ़ किया है। वित्त वर्ष 2025-26 में, कंपनी ने स्वदेशी रूप से विकसित वंदे भारत पहियों की पहली खेप रवाना की और वर्ष के दौरान नौसेना में शामिल किये गये पांच भारतीय नौसेना जहाजों - आईएनएस अर्नाला, उदयगिरि, हिमगिरि, एंड्रोथ और अंजदीप के लिए इस्पात की आपूर्ति की। उन्होंने राष्ट्रीय इस्पात नीति के अनुरूप विकसित भारत 2047 में योगदान देने की सेल की प्रतिबद्धता को दोहराया।

कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए डॉ. पंडा ने कहा, "परिचालन दक्षता को दर्शाते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 में सेल ने 1,09,000 करोड़ रुपये से अधिक का अपना अब तक का सर्वोच्च कारोबार दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है। विवेकपूर्ण फंड प्रबंधन के जरिये उधारी में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक की कमी की गयी। उच्चतर विक्रय मात्रा, इन्वेंट्री में कमी और घटे हुए कर्ज के साथ, कंपनी की लाभप्रदता मजबूत हुई, और पीबीटी (कर पूर्व लाभ) एवं पीएटी (कर पश्चात लाभ) में क्रमशः 44 प्रतिशत और 50.5 प्रतिशत का सुधार हुआ। बोर्ड ने 2.35 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतिम लाभांश (फाइनल डिविडेंड) की सिफारिश की है।"कंपनी के सस्टेनेबिलिटी पर ध्यान को रेखांकित करते हुए सीएमडी ने बताया कि कंपनी ने इस्को स्टील प्लांट में स्थापित पहले 4 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर प्लांट से 56.1 लाख यूनिट हरित ऊर्जा (ग्रीन पावर) उत्पन्न की, जबकि भिलाई स्टील प्लांट में 20 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट निर्माणाधीन है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संयंत्रों में 278.5 मेगावाट की सौर परियोजनाओं पर विचार किया जा रहा है।

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