चंडीगढ़ , जून 19 -- पंजाब सरकार ने मूल्य वर्धित कर (वैट) और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के बकायेदारों के खिलाफ अपनी वसूली मुहिम तेज करते हुए उनकी संपत्तियों की सार्वजनिक नीलामी शुरू कर दी है।
वित्त, योजना, कर एवं आबकारी मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को बताया कि राज्य के लंबे समय से लंबित राजस्व की वसूली के लिए आबकारी एवं कर विभाग ने तीन बड़ी नीलामियां सफलतापूर्वक संपन्न की हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई उन कर डिफॉल्टरों के खिलाफ की जा रही है, जिन्होंने बार-बार अवसर और कानूनी नोटिस मिलने के बावजूद अपनी कर देनदारियों का भुगतान नहीं किया।
श्री चीमा ने बताया कि मोहाली में डिफॉल्टर फर्म मेसर्स सुमित इंजीनियरिंग की संपत्ति 19 जून को 13.22 करोड़ रुपये में नीलाम की गयी। जालंधर के शाहकोट स्थित मेसर्स एम.आर. राइस मिल्स की संपत्ति की नीलामी से 1.11 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। उन्होंने बताया कि सफल बोलीदाताओं ने आज ही 3.58 करोड़ रुपये सरकारी खजाने में जमा करा दिये हैं, जबकि शेष राशि नियमानुसार आगामी सप्ताह में जमा करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मोहाली और जालंधर की सफल नीलामियां कर कानूनों को बिना किसी भय या पक्षपात के लागू करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह कार्रवाई विशेष रूप से उन पुराने कर बकायेदारों के खिलाफ की जा रही है, जिन्होंने सरकार की एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना का लाभ नहीं उठाया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की नीति का उल्लेख करते हुए श्री चीमा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि जनता के वैध धन की वसूली सुनिश्चित करना है।
व्यापारियों और करदाताओं को राहत देते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि एकमुश्त निपटान (ओटीएस) योजना की अवधि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 तक कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि यह योजना वैट बकायेदारों को अपने विवादों का पारदर्शी और लाभकारी तरीके से निपटारा करने का अवसर प्रदान करती है।
कर बकायेदारों को चेतावनी देते हुए श्री चीमा ने कहा कि सरकारी कर मांगों की अनदेखी करने का दौर अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने बताया कि विभाग ने कई पुराने और आदतन डिफॉल्टरों की संपत्तियों की पहचान कर ली है तथा आने वाले हफ्तों और महीनों में विभिन्न जिलों में करीब 20 और संपत्तियों की नीलामी की जाएगी। उन्होंने कहा कि आबकारी एवं कर विभाग सार्वजनिक राजस्व की सुरक्षा के लिए बैंक खातों को अटैच करने, संपत्तियां जब्त करने तथा चल-अचल संपत्तियों की नीलामी सहित सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल कर रहा है।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि जो करदाता अपने कानूनी दायित्वों की लगातार अनदेखी करेंगे, उन्हें सख्त कार्रवाई और गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
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