कोलकाता , दिसंबर 09 -- ज़ूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जेडएसआई) ने जैव-विविधता से भरपूर मेघालय में कूदने वाली मकड़ियों (जंपिंग स्पाइडर) की दो नई प्रजातियाें की खोज की घोषणा की हैं। इनका वैज्ञानिक नाम असेमोनिया डेंटिस और कोलाइट्स नॉन्गवार है।

जेडएसआई की निदेशक डॉ. धृति बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि यह महत्वपूर्ण खोज एक बार फिर उत्तर-पूर्व भारत की उस स्थिति को पुष्ट करती है कि यह हिन्द-बर्मा मेगा बायोडायवर्सिटी हॉटस्पॉट का अहम हिस्सा है।

ये दोनों नयी प्रजातियां साल्टिसिडे परिवार की हैं, जिन्हें आम भाषा में "जंपिंग स्पाइडर" या कूदने वाली मकड़ियां कहते हैं। ये अपनी असाधारण दृष्टि, तेज़ रिफ्लेक्स और शिकार पर झपट्टा मारकर पकड़ने के अनोखे तरीके के लिए प्रसिद्ध हैं। जाला बुनकर शिकार करना इनकी आदत नहीं हैं।

मेघालय में हाल की ये खोजें विज्ञान जगत में नयी जंपिंग स्पाइडर प्रजातियां जोड़ रही हैं। इससे पहले मई 2025 में चमकदार प्रजाति इरुरा मेघालया और अप्रैल 2025 में थियानिया एब्डोमिनालिस (बैंडेड जंपिंग स्पाइडर) का भारत में पहला रिकॉर्ड जेडएसआई वैज्ञानिकों ने ही दर्ज किया था। ये सभी खोजें उत्तर-पूर्व भारत के अपार और अभी तक अज्ञात मकड़ी-विविधता को रेखांकित करती हैं।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित