चंडीगढ़ , मार्च 26 -- पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने गुरुवार को भारतीय सेना द्वारा वेरका ड्राई मिल्क (दूध पाउडर) की एक खेप को अस्वीकृत किये जाने पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने पंजाब प्रशासन के अधीन आने वाले एक प्रमुख डेयरी ब्रांड पर उठे सवालों को लेकर राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की।
श्री रंधावा ने सरकार की क्वालिटी कंट्रोल और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कोई उत्पाद सेना के मानकों पर खरा नहीं उतरता, तो आम जनता के बीच उसका वितरण सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि वेरका हमेशा से पंजाब के लिए गर्व का विषय रहा है, लेकिन वर्तमान आम आदमी पार्टी सरकार ने इस प्रतिष्ठित ब्रांड की प्रतिष्ठा को धूमिल कर दिया है। इसकी गुणवत्ता पर उठे सवालों की पूरी जिम्मेदारी 'आप' सरकार की है। सांसद ने कहा कि यह मुद्दा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सुशासन के दावों पर संदेह पैदा करता है। उन्होंने सरकार से तत्काल इस मामले की उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
श्री रंधावा ने सेना द्वारा खारिज की गयी खेप की गुणवत्ता निरीक्षण रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का आग्रह किया।जांच में किसी भी तरह की लापरवाही पाये जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पंजाब के लोगों द्वारा उपयोग किए जा रहे दूध उत्पादों का उचित मानकों के अनुसार परीक्षण किया गया है या नहीं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सेना द्वारा नकारा गया दूध आम जनता को बांटा जा रहा है, तो यह एक आपराधिक अपराध होगा और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
उन्होंने पंजाब के डेयरी क्षेत्र की पुरानी प्रतिष्ठा का जिक्र करते हुए कहा कि वेरका जैसे संस्थानों ने हमेशा जनता का विश्वास जीता है, जिसे कमजोर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से बाजार में उपलब्ध डेयरी उत्पादों की सुरक्षा के संबंध में स्पष्ट आश्वासन देने का आग्रह किया, ताकि जनता में भय का माहौल न बने।
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