काराकास , जून 28 -- वेनेजुएला में बुधवार को आए दो विनाशकारी भूकंपों के तीन दिन बाद मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1,430 हो गया है, और 51,000 से अधिक लोग अब भी लापता हैंइस बीच राहत एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि मलबे में जीवित बचे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बेहद महत्वपूर्ण '72 घंटे की समय-सीमा' तेजी से खत्म हो रही है।
उत्तरी तटीय क्षेत्र ला गुएरा में मलबे के कारण पैदा हुए भारी ट्रैफिक जाम और बाधाओं को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार रात से इस पूरे इलाके में बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब वहां जाने के लिए आधिकारिक परमिट अनिवार्य कर दिया गया है।
नेशनल असेंबली के प्रमुख जॉर्ज रोड्रिगेज ने त्रासदी की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि वे इस तबाही की भयावहता को बिल्कुल नहीं छिपायेंगे। हालांकि जमीनी स्तर पर सरकारी बचाव दलों की भारी कमी के कारण स्थानीय लोग बेहद हताश हैं और अपने हाथों से ही मलबे को हटाने में जुटे हैं।
कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि ला गुएरा इलाको को सेना के हवाले कर दिया गया है और प्रभावितों को भोजन-पानी बांटा जा रहा है।
शनिवार को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने प्रारंभिक अनुमान जारी करते हुए बताया कि इस दोहरे भूकंप से बुनियादी ढांचे को हुआ प्रत्यक्ष नुकसान 4.7 बिलियन से 8.7 बिलियन डॉलर (लगभग 44,300 करोड़ से 82,000 करोड़ रुपये) के बीच हो सकता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन (आईओएम) की महानिदेशक एमी पोप के अनुसार, इस आपदा से अकेले काराकास के 20 लाख लोगों समेत कुल 67 लाख से अधिक आबादी प्रभावित हो सकती है और आने वाले दिनों में विस्थापन बड़े पैमाने पर बढ़ेगा।
इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी की वेनेजुएला निदेशक निकोल कास्ट ने अंदेशा जताया है कि देश में संसाधनों की पहले से मौजूद कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय टीमों के आने के बावजूद एक बड़ा अंतर बना हुआ है और कई लोग मलबे में ही दबे रह सकते हैं।
राहत कार्यों के बीच शनिवार को अमेरिकी अधिकारियों ने राहत देते हुए बताया कि सिमोन बोलिवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के क्षतिग्रस्त रनवे को ठीक कर लिया गया है, जिससे अब बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहायता और 1,600 से अधिक विदेशी बचाव कर्मियों को सीधे प्रभावित इलाकों तक पहुंचाया जा सकेगा।
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