वाशिंगटन , अगस्त 29 -- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत उसे देश के 65 अरब बैरल से ज़्यादा प्रमाणित तेल भंडार पर ज़्यादातर नियंत्रण मिल जाएगा। उन्होंने इस समझौते को दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा तेल सौदा बताया है।
श्री ट्रंप ने कहा कि यह समझौता निजी कारोबार के साथ साझेदारी के ज़रिए हुआ है और इसमें अमेरिका के करदाताओं का कोई पैसा खर्च नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस सौदे से अमेरिका का तेल भंडार दोगुने से भी ज़्यादा हो जाएगा, आपूर्ति बढ़ेगी और आखिरकार पेट्रोल की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी।
श्री ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में कहा, "दुनिया के इतिहास का सबसे बड़ा तेल सौदा!" वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने एक निजी संयुक्त उद्यम को लगभग 65 अरब बैरल प्रमाणित भंडार वाले तेल क्षेत्रों को चलाने के लिए 100 साल का अधिकार दिया था। निजी ऑपरेटर की पहचान का तुरंत खुलासा नहीं किया गया।
रिपोर्टाें के मुताबिक, वेनेजुएला में कुछ विदेशी एनर्जी कंपनियाँ अभी भी काम कर रही हैं, जिनमें अमेरिका की शेवरॉन, स्पेन की रेप्सोल और इटली की एनी शामिल हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि इस समझौते से लगभग 100 अरब डॉलर का निजी निवेश आएगा, हज़ारों अच्छे वेतन वाली नौकरियाँ पैदा होंगी और वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी।
श्री रुबियो ने कहा, "वेनेजुएला के लोगों के लिए यह समझौता लगभग 100 अरब डॉलर का निजी निवेश लाएगा, अच्छे वेतन वाली हज़ारों नौकरियों को सहायता प्रदान करेगा और वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण को आगे बढ़ाएगा।" साल की शुरुआत में, अमेरिका ने एक बड़े सैन्य अभियान में वेनेजुएला राष्ट्रपति श्री निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया था और उन्हें तथा उनकी पत्नी को आपराधिक आरोपों का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क लाया गया था। उस सैन्य ऑपरेशन के बाद श्री ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी कंपनियाँ वेनेजुएला के तेल उद्योग को फिर से बनाने के लिए काम करेंगी।
सुश्री रोड्रिगेज ने इस समझौते की पुष्टि की और इसे एक ऐतिहासिक बताया जो वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को उबारने में योगदान देगा। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से वेनेजुएला सरकार के लिए 209 अरब डॉलर से ज़्यादा का राजस्व पैदा हो सकता है। यह समझौता ट्रंप प्रशासन की उस बड़ी कोशिश का हिस्सा है जिसका मकसद वर्षों के प्रतिबंधों, कम निवेश और खराब होती अवसंरचना के बाद वेनेजुएला के ऑयल उद्योग को फिर से जीवित करना और विदेशी निवेश को आकर्षित करना है।
अमेरिका के उर्जा सूचना प्रशासन के अनुसार, वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रमाणित कच्चा तेल रिज़र्व है, जिसका अनुमान 300 अरब बैरल से ज़्यादा है। अमेरिका के पास 50 अरब बैरल से कम प्रमाणित रिज़र्व है। इतने बड़े रिज़र्व के बावजूद, वेनेजुएला वैश्विक तेल उत्पादन का केवल एक छोटा हिस्सा ही पैदा करता है।
एक्सॉनमोबिल और कोनोकोफिलिप्स सहित कई बड़ी तेल कंपनियाँ वेनेजुएला से चली गईं, जब पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो शावेज़ की सरकार ने विदेशी स्वामित्व वाली ऑयल संपत्तियों का राष्ट्रीयकरण कर दिया। शेवरॉन एकमात्र बड़ी अमेरिकी ऑयल कंपनी थी जिसने देश में अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति बनाए रखी है।
श्री ट्रंप ने पहले अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों से इस साल की शुरुआत में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद वेनेजुएला लौटने का आग्रह किया है।
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