नयी दिल्ली , अगस्त 26 -- जब 58 साल की बिमला बनवाला वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन में हिस्सा लेंगी, तो उनके साथ 100 से ज़्यादा रेस पूरा करने का अनुभव होगा। इनमें 50 से ज़्यादा हाफ-मैराथन, पाँच फुल मैराथन, 10के और लंबी दूरी की दूसरी रेस शामिल हैं। रोहतक की रहने वाली बिमला ने 2020 में महामारी के दौरान दौड़ना शुरू किया था। एक्टिव रहने के इस तरीके को उन्होंने अपने जुनून में बदल लिया और अब वह हर साल लगभग 10 रेस में हिस्सा लेती हैं।
प्रोकाम इंटरनेशनल के बड़े इवेंट्स में रेगुलर हिस्सा लेने वाली बिमला ने प्रोकाम स्लैम, वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन, टाटा मुंबई मैराथन, टाटा स्टील वर्ल्ड 25के कोलकाता और टीसीएस वर्ल्ड 10के बेंगलुरु पूरी की हैं। हालाँकि, उनके लिए दौड़ना नंबरों के बारे में नहीं, बल्कि इससे मिलने वाली खुशी और पॉज़िटिविटी के बारे में है।
बिमला कहती हैं, "मैंने 2020 में दौड़ना शुरू किया था और तब से यह मेरी ज़िंदगी का एक बहुत अहम हिस्सा बन गया है। मुझे मैराथन रेस में दौड़ना अच्छा लगता है। दौड़ने के बाद मुझे अच्छा महसूस होता है और पॉज़िटिव एनर्जी मिलती है; मेरा मन ताज़ा रहता है।"बिमला की अपनी पसंद के तौर पर शुरू हुई यह चीज़ जल्द ही उनके पति चंद्रपाल बनवाला के साथ एक साझा जुनून बन गई। यह कपल अब रेस के लिए साथ यात्रा करता है, नई चुनौतियों का सामना करता है और साथ में यादें बनाता है। दौड़ने के प्रति उनके साझा प्यार ने उन्हें रनिंग कम्युनिटी में "पावर कपल" का प्यारा नाम दिलाया है।
1987 में सेना में शामिल हुए पूर्व फौजी चंद्रपाल को अपनी सर्विस के दौरान खेलों से परिचय हुआ, जिसमें कुश्ती भी शामिल थी। महामारी के बाद दौड़ना उनकी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया और तब से उन्होंने कई मैराथन और अल्ट्रा-मैराथन पूरी की हैं, साथ ही कई बार पोडियम फिनिश भी हासिल किया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित