मुंबई , जून 15 -- वेदांता समूह ने सोमवार को कारोबार अलग-अलग करने के बाद बनायी गयी अपनी चार नयी कंपनियों को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध किया।

वेदांता समूह ने इसे "भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि" बताते हुए कहा कि इस ऐतिहासिक लिस्टिंग के साथ रणनीतिक धातुओं, महत्वपूर्ण खनिज, एल्युमिनियम, तेल एवं गैस, ऊर्जा तथा लौह एवं इस्पात क्षेत्रों में केंद्रित विश्वस्तरीय व्यवसायों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार हुआ है।

कंपनी ने प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि वेदांता एल्युमिनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता आयरन एंड स्टील और वेदांता पावर का शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होना भविष्य के लिए तैयार परिवर्तनकारी रणनीति का परिणाम है। उसका उद्देश्य अपने-अपने सेक्टरों में नेतृत्व करने वाली कंपनियां तैयार करना है।

इस मौके पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा, "आज वेदांता के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। चौबीस वर्ष पहले वेदांता लंदन स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाली पहली भारतीय कंपनी बनी थी और आगे चलकर एफटीएसई-100 कंपनी का दर्जा हासिल किया। उस दिन बोया गया बीज आज एक विशाल बरगद के पेड़ में बदल चुका है और उसके संरक्षण में विकसित हुए पौधे अब प्रमुख क्षेत्रों में दिग्गज बनने तथा भारत की तेज आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार हैं।"उन्होंने कहा कि पूरी यात्रा में शेयरधारकों के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता सर्वोच्च रही है। पिछले पांच वर्ष में समूह ने 300 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है।

श्री अग्रवाल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और एनर्जी ट्रांजिशन से संचालित भविष्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों, धातुओं और ऊर्जा की मांग बढ़ने की भविष्यवाणी करते हुए कहा कि भारत को आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनना होगा। इसमें आज सूचीबद्ध हुई कंपनियों की अहम भूमिका होगी।

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