सक्ती , अप्रैल 16 -- ) छत्तीसगढ़ के सक्ती स्थित वेदांता ऊर्जा संयंत्र में हुए हादसे के पीड़ितों को मुआवजा देने के मांग को लेकर गुरुवार को भारतीय मजदूर संघ (भामसं) के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन किया और संयंत्र के प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

वहीं कांग्रेस की 10 सदस्यीय जांच टीम भी मौके पर पहुंचकर घटना की पड़ताल में जुट गयी। भामसं के राष्ट्रीय मंत्री राधेश्याम जायसवाल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने संयंत्र प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बॉयलर की क्षमता से अधिक संचालन के कारण यह हादसा हुआ है। श्री जायसवाल ने आरोप लगाया कि बिना बॉयलर निरीक्षक की अनुमति के लोड नहीं बढ़ाया जा सकता, ऐसे में इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

भामसं ने मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये तथा घायलों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। इस दौरान संयंत्र के सामने प्रदर्शन कर प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गयी।

इधर, कांग्रेस ने भी घटना को गंभीरता से लेते हुए 10 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल के संयोजन में गठित यह टीम प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और उमेश पटेल सहित कई विधायकों के साथ संयंत्र पहुंची। टीम में चंद्रपुर, जैजैपुर, जांजगीर-चांपा, अकलतरा और पामगढ़ के विधायक भी शामिल हैं।

कांग्रेस जांच दल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रभावितों से मुलाकात की और मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है। पार्टी नेताओं ने भी हादसे की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल, हादसे को लेकर श्रमिक संगठनों और राजनीतिक दलों की सक्रियता के बीच प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

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