चंडीगढ़ , अप्रैल 25 -- स्वयंसेवी संस्था ग्रामीण भारत के अध्यक्ष वेदप्रकाश विद्रोही ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से दोनों दलों का भ्रष्टाचार और अवसरवाद उजागर हुआ है। उन्होंने कहा कि इस दलबदल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अहम भूमिका रही।
श्री विद्रोही के अनुसार, जिन सांसदों पर पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर छापे मारे गए, उन्हें बाद में भाजपा में शामिल कर लिया गया। इससे स्पष्ट होता है कि ईडी जांच एजेंसी के बजाय राजनीतिक दबाव का उपकरण बन गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि ईडी का दुरुपयोग हफ्तावसूली और दलबदल के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उच्चतम न्यायालय इस पर संज्ञान नहीं लेता, तो यह संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफलता होगी। श्री विद्रोही ने आप पर भी आरोप लगाया कि उसने धन के आधार पर लोगों को राज्यसभा भेजा, जो बाद में भाजपा में शामिल होकर अपने निवेश की वसूली कर रहे हैं।
उनके अनुसार, यह पूरा प्रकरण दोनों दलों की राजनीति को धन कमाने का साधन साबित करता है।
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