मोतिहारी , जुलाई 11 -- बिहार के पूर्वी चंपारण जिला मुख्यालय में शनिवार को चार वर्षों से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय पहुंची एक शिक्षिका के मामले ने उस समय गंभीर मोड़ ले लिया, जब उनके अधिवक्ता पति रविन्द्र कुमार पाण्डेय की तबीयत बिगड़ने के बाद मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार हरसिद्धि प्रखंड के गायघाट मध्य विद्यालय में कार्यरत शिक्षिका रश्मि स्वराज चार वर्षों से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर जिला शिक्षा कार्यालय पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि कार्यालय में उनके साथ अभद्र व्यवहार एवं मारपीट की गई। इसकी सूचना मिलने पर मोतिहारी व्यवहार न्यायालय में कार्यरत अधिवक्ता पति रविन्द्र कुमार पाण्डेय मौके पर पहुंचे।

आरोप है कि वहां उत्पन्न तनावपूर्ण स्थिति के बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही जिला विधिज्ञ संघ के महासचिव राजीव कुमार द्विवेदी उर्फ पप्पू दूबे तथा कोषाध्यक्ष सतेन्द्र कुमार मिश्रा सदर अस्पताल पहुंचे और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने तक मौजूद रहे। अधिवक्ता समुदाय ने घटना की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस बीच परिजनों ने अधिवक्ता का शव जिला शिक्षा कार्यालय के मुख्य द्वार पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति सामान्य कराने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपलब्ध साक्ष्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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