हमीरपुर , मार्च 31 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थियों की उम्र की जांच अब आधार कार्ड के बजाय परिवार रजिस्टर और हाईस्कूल की अंकतालिका से की जाएगी। समाज कल्याण विभाग ने इस संबंध में ग्राम प्रधानों और खंड विकास अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी हिमांशु अग्रवाल ने मंगलवार को बताया कि जिले में लगभग 53 हजार लोग वृद्धावस्था पेंशन का लाभ ले रहे हैं, जिनमें करीब 55 प्रतिशत पुरुष और शेष महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि अब तक उम्र सत्यापन के लिए आधार कार्ड का उपयोग किया जाता था, जिसमें गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती थीं। इसी को देखते हुए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत लाभार्थियों की आयु का सत्यापन परिवार रजिस्टर या शैक्षिक प्रमाणपत्र से किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार किसी भी लाभार्थी की पेंशन रोकी नहीं जाएगी, लेकिन अभिलेखों में आधार कार्ड को हटाकर अन्य प्रमाण पत्र जोड़े जाएंगे। नए आवेदनों में आधार कार्ड के आधार पर स्वीकृति नहीं दी जाएगी। विभाग ने ब्लॉक स्तर के कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि यदि किसी लाभार्थी के खाते में पेंशन नहीं पहुंचती है, तो उसे बुलाकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कराने की प्रक्रिया पूरी कराई जाए।
उन्होने बताया कि फर्जी आधार कार्ड के जरिए पेंशन लेने के मामलों को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। नई व्यवस्था में किसी भी गड़बड़ी की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और सचिव की होगी। वहीं लाभार्थियों ने इस बदलाव पर चिंता जताते हुए कहा है कि इस उम्र में दस्तावेज बदलवाना उनके लिए कठिन होगा, लेकिन पेंशन जारी रखने के लिए वे प्रक्रिया पूरी करेंगे।
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