मथुरा , अक्टूबर 06 -- मथुरा के वृंदावन क्षेत्र में चर्चित रसिक दुलारी शरण मामले में पुलिस का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और कई टीमें लगातार सक्रिय हैं।
अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) राजीव कुमार ने प्रेस को दिए अपने बयान में बताया कि रसिक दुलारी शरण मामले की जांच में पीड़ित के रिश्तेदारों, दोस्तों और करीबियों से पूछताछ कर सभी अहम तथ्य जुटाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और डीवीआर से जुड़े सवालों पर एएसपी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि वायरल वीडियो के स्रोत की जांच की जा रही है। मामले से जुड़े सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्य वैज्ञानिक व वैधानिक जांच के लिए पुलिस कस्टडी में पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सोशल मीडिया पर आश्रम परिसर में परिजनों के साथ अभद्रता या मारपीट की चल रही खबरों को पुलिस ने निराधार बताया है। एएसपी ने कहा कि इस तरह की कोई भी शिकायत या तथ्य अब तक स्थानीय पुलिस के संज्ञान में नहीं आया है। पुलिस प्रशासन द्वारा सभी पक्षों को समझा-बुझाकर धैर्य बनाए रखने की अपील की गई है और उनकी काउंसलिंग भी की जा रही है।
सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा किए जा रहे पोस्टर लापता लोगों की खोजबीन के सवाल पर एएसपी ने कहा कि परिजनों द्वारा पोस्टर लगाना तलाश की स्थापित प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस प्रशासन भी अपनी कार्यप्रणाली के तहत रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और आश्रमों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चस्पा करवा रहा है ताकि कोई भी सुराग मिलने पर त्वरित सूचना प्राप्त हो सके।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी आए एक ऐसे ही मामले में अन्य जिलों से समन्वय स्थापित कर गुमशुदा व्यक्ति को सकुशल बरामद किया जा चुका है। मथुरा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को भी ऐसी कोई शंका या आशंका होती है, तो वे तुरंत अपने नजदीकी थाने में नियमानुसार विधिक कार्रवाई कराएं। तय एसओपी के तहत पीड़ित परिवारों को पुलिस की ओर से हर संभव सहायता प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी।
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