नयी दिल्ली , जुलाई 24 -- सरकार ने कहा है कि विकसित भारत-रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम-जी) के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है।
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने शुक्रवार को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी देते हुए बताया कि इसमें केंद्र का हिस्सा 95,692.31 करोड़ रुपये होगा, जो ग्रामीण रोजगार के लिए अब तक का सबसे बड़ा बजट प्रावधान है।
श्री पासवान ने राज्यसभा में बताया कि वीबी-जी राम-जी अधिनियम इस वर्ष एक जुलाई से पूरे देश के ग्रामीण क्षेत्रों में लागू हो गया है। इसके तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्त वर्ष में रोजगार की कानूनी गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए ऑनलाइन प्रबंधन सूचना प्रणाली लागू की गई है, जबकि राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि प्रबंधन प्रणाली और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से मजदूरी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इसके साथ ही मजदूरी भुगतान की निगरानी और लंबित मामलों की समीक्षा भी रियल टाइम आधार पर की जा रही है।
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