नयी दिल्ली , जून 19 -- ग्रामीण विकास मंत्रालय ने विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक जुलाई से पहले देशभर में 100 से अधिक क्षेत्रीय अधिकारियों की तैनाती का निर्णय लिया है।

मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि क्षेत्रीय अधिकारी कार्यान्वयन प्रक्रिया के दौरान सुविधादाता और संसाधन व्यक्ति की भूमिका निभाएंगे। वे राज्य सरकारों, जिला प्रशासन और जमीनी स्तर के अधिकारियों के साथ मिलकर क्षमता निर्माण, ज्ञान साझा करने, परिचालन संबंधी चुनौतियों के समाधान तथा बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने में सहायता करेंगे। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग ने अधिकारियों को अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं, तकनीक आधारित शासन प्रणाली और संस्थागत व्यवस्थाओं से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी प्रदान किया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्रामीण विकास सचिव रोहित कंसल ने की।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की तैनाती के दौरान वे राज्यों और जिलों का दौरा कर कार्यान्वयन की आवश्यकताओं का आकलन करेंगे तथा विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने में सहयोग देंगे। मंत्रालय का मानना है कि यह पहल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नए ढांचे में सहज परिवर्तन और निरंतर संस्थागत सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

ग्रामीण विकास एवं ग्राम पंचायत विकास अधिनियम, 2025 का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को आजीविका संवर्धन, जलवायु अनुकूल विकास, ग्रामीण अवसंरचना निर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित शासन से जोड़कर सतत एवं समावेशी विकास को बढ़ावा देना है। यह अधिनियम विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं (वीजीपीपी), जीआईएस आधारित नियोजन और विभिन्न सरकारी योजनाओं के समन्वय के माध्यम से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।

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