अजमेर , अक्टूबर 25 -- अजमेर शहर कांग्रेस समिति के अध्यक्ष डा. राजकुमार जयपाल ने व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) को लेकर सवाल उठाए हैं।

डा. जयपाल ने राज्य सरकार द्वारा वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए कीमतों और प्रमाणपत्र प्रक्रिया की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस उपकरण की कीमत पहले पांच हजार से छह हजार रुपये बताई जाती थी, उसके लिए राजस्थान में 15 हजार से 17 हजार रुपये तक खर्च करने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में इस उपकरण की कीमतें इतनी अधिक क्यों हैं।

डॉ. जयपाल ने कहा कि वाहन मालिकों के अनुसार, दूसरे राज्यों में यही उपकरण अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध हैं, लिहाजा करीब 20 कंपनियों की कथित मिलीभगत से कीमतें बढ़ाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कई नए और पुराने वाहनों में पहले से जीपीएस लगा होने के बावजूद नया उपकरण लगवाने की शिकायतें हैं। पुराने उपकरण निर्धारित तकनीकी मानकों को पूरा करते हैं, तो उनके सत्यापन के बाद नियमानुसार मान्यता दी जानी चाहिए।

डॉ. जयपाल ने सरकार से इस यंत्र की कीमतों, कंपनियों की मूल्य नीति और प्रमाणपत्र शुल्क की निष्पक्ष जांच कराने, सभी निर्धारित शुल्क सार्वजनिक करने, पात्र पुराने जीपीएस उपकरणों को नियमानुसार मान्यता देने और प्रमाणपत्र प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनाने की मांग की है।

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