भोपाल , मार्च 2 -- नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) मध्यप्रदेश ने वीआईटी विश्वविद्यालय परिसर में बिना वैधानिक अनुमति संचालित किए जा रहे 'डेनेशिया अपोलो डेंटल हॉस्पिटल' एवं अन्य क्लिनिकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 18 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत एवं निवासरत हैं। ऐसे में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति, पंजीयन एवं आवश्यक लाइसेंस के अस्पताल अथवा क्लिनिक का संचालन मध्यप्रदेश नर्सिंग होम स्थापना अधिनियम 1973 सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी कानूनों का उल्लंघन है और विद्यार्थियों के जीवन से खिलवाड़ है।

उन्होंने बताया कि एक मार्च 2026 को विश्वविद्यालय की ट्रस्टी श्रीमती रामानी बाल सुंदरम द्वारा परिसर में उक्त डेंटल हॉस्पिटल का उद्घाटन किया गया। संगठन का आरोप है कि संस्थान आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियों के बिना संचालित किया जा रहा है।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने आरोप लगाया कि संबंधित ट्रस्टी एवं कुछ चिकित्सकों की कथित मिलीभगत से यह संचालन हो रहा है। संगठन का कहना है कि पूर्व में भी विश्वविद्यालय परिसर में बिना अनुमति क्लिनिक संचालित किए जाने तथा दूषित भोजन एवं पेयजल से विद्यार्थियों के बीमार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

संगठन ने पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच, बिना अनुमति संचालित अस्पताल एवं क्लिनिक को तत्काल सील करने, संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता एवं नर्सिंग होम अधिनियम के अंतर्गत एफआईआर दर्ज करने तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं वैधानिक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर प्रदेशव्यापी आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा तथा न्यायालय की शरण ली जाएगी।

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