जयपुर , फरवरी 16 -- राजस्थान के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि बारां जिले के किशनगंज विधानसभा क्षेत्र में विस्थापित बंगाली समुदाय के परिवारों को अनुसूचित जाति (एससी) प्रमाण पत्र बनाने में आ रही समस्या पर राजस्व रिकॉर्ड में जाति संशोधन के लिए समिति का गठन किया जायेगा।
श्री मीणा प्रश्नकाल में विधायक ललित मीना के पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इस समुदाय के परिवार एसी प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण प्रदेश में एस.सी. वर्ग के लिए संचालित योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय के समाधान के लिए जिला कलेक्टर, उपखण्ड अधिकारी एवं तहसीलदार की एक समिति गठित कर उचित प्रक्रिया के माध्यम से राजस्व रिकॉर्ड में बंगाली शब्द का संशोधन कर इन परिवारों की वास्तविक जाति का समावेश किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 'बंगाली' शब्द जाति विशेष न होकर एक भाषाई पहचान है। पुराने राजस्व रिकॉर्ड में इन परिवारों की जाति राजस्थान राज्य की अनुसूचित जाति की सूची से सम्बंधित दर्ज होने की स्थिति में, नियमानुसार राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक दुरुस्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया जाएगा।
इससे पहले विधायक मूल प्रश्न के लिखित जवाब में उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र किशनगंज की तहसील किशनगंज के ग्राम परानिया, घट्टी नेहरूपुरा में विस्थापित बंगाली परिवारों को पुनर्वास विभाग द्वारा आवंटित कृषि भूमि राजस्व रिकॉर्ड जमाबंदी में जाति बंगाली दर्ज है। उन्होंने बताया कि बंगाली परिवार एससी. की सूची में वर्णित जातियों चांडाल, शिकारी, धोबी आदि के आधार पर इनकी दलित जाति नमोशूद्र को एससी में शामिल कराना चाहते हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा जारी एससी की सूची में नमोशूद्र जाति शामिल नहीं है। उन्होंने बताया कि इस कारण इनको एससी का प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा सकता है और वर्तमान में कोई भी प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
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