नयी दिल्ली , अप्रैल 06 -- पूरी दुनिया मंगलवार सात अप्रैल को 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' मनाने के लिए तैयार है और इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की थीम मानव और जीव से भी आगे ग्रह के स्वास्थ्य को रेखांकित करता है, 'स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों, विज्ञान के साथ खड़े रहें।'साल भर चलने वाला यह अभियान न केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों को उजागर करेगा, बल्कि उस बहुपक्षीय सहयोग पर भी जोर देगा, जो वैज्ञानिक प्रमाणों को धरातल पर क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक है।यह विषय लोगों, जानवरों, पौधों और हमारे पूरे ग्रह के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए वैज्ञानिक सहयोग की शक्ति का जश्न मनाता है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस की जड़ें सीधे तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना से जुड़ी हैं। वर्ष 1948 में इसी दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना हुई थी। इसी ऐतिहासिक दिन को चिह्नित करने के लिए 1950 से हर साल 'विश्व स्वास्थ्य दिवस' मनाने की परंपरा शुरू हुई। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और किसी खास स्वास्थ्य प्राथमिकता की ओर वैश्विक ध्यान आकर्षित करना है।
डब्लूएचओ हर साल एक विशिष्ट विषय चुनता है, जो वर्तमान वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों को दर्शाता है। पिछले दशकों में 'मानसिक स्वास्थ्य', 'मातृत्व एवं शिशु देखभाल' और 'जलवायु परिवर्तन एवं स्वास्थ्य' जैसे गंभीर विषयों पर काम किया गया है।
वहीं 2026 का अभियान इस विचार पर केंद्रित है कि आधुनिक युग की चुनौतियां- चाहे वह नयी महामारियां हों या पर्यावरण संकट, उनका समाधान केवल विज्ञान और आपसी सहयोग से ही संभव है। इसलिए इस बार का विषय केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है। यह 'इंसान, जानवर और पर्यावरण' के स्वास्थ्य के अंतर्संबंधों को रेखांकित करता है।
डब्लूएचओ का मानना है कि दुनिया के पास पर्याप्त वैज्ञानिक डाटा है, लेकिन कमी उसे लागू करने वाले 'बहुपक्षीय सहयोग' की है। यह अभियान इसी खाई को पाटने का काम करेगा।
मंगलवार को दुनिया भर में विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा सेमिनार, स्वास्थ्य शिविर और जन-जागरूकता रैलियां आयोजित की जायेंगी। भारत में भी इस अवसर पर कई कार्यक्रम होने वाले हैं।
दिल्ली में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय एक राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित कर रहा है। इसमें नीति निर्माता और वैज्ञानिक इस वर्ष के थीम 'स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों, विज्ञान के साथ खड़े रहें' पर चर्चा करेंगे।
डब्लूएचओ भी यहां भारतीय कार्यालय वैज्ञानिक अनुसंधान और वैश्विक सहयोग पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है। इसके अलावा देश भर के सभी 'आयुष आरोग्य मंदिरों' में सुबह विशेष योग सत्र और नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किये जायेंगे।सरकारी जिला अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर गैर-संचारी रोगों जैसे बीपी, शुगर और मोटापा की मुफ्त जांच और परामर्श की सुविधा उपलब्ध रहेगी। सभी सरकारी स्कूलों में सुबह की सभा के दौरान स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी 'स्वास्थ्य शपथ' दिलायी जायेगी।
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