जालौन , जून 14 -- उत्तर प्रदेश के जनपद जालौन में रविवार को विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर जिला अस्पताल उरई में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा आमजन से रक्तदान जैसे महापुण्य कार्य में सक्रिय सहभागिता की अपील की।

जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति को नया जीवन प्रदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करना चाहिए, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने रक्तदान को सामाजिक दायित्व के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का प्रतीक बताया।

पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने कहा कि रक्तदान जीवन बचाने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर रक्तदान अभियान से जुड़ने तथा समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है, इसलिए प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान करना चाहिए।

शिविर में कुल नौ लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने सभी रक्तदाताओं को प्रमाण-पत्र देकर उनके योगदान की सराहना की तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यों में भागीदारी बनाए रखने का आग्रह किया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित रक्तदान से जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलता है और रक्तदाता के स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जे.जे. राम, चिकित्सकगण, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित