चंडीगढ़/रोहतक , जून 18 -- हरियाणा की सिंचाई एवं जल संसाधन तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि राज्य में पहली बार विश्व बैंक समर्थित लगभग 5,700 करोड़ रुपये की एकीकृत जल प्रबंधन परियोजना लागू की जा रही है, जो प्रदेश के लिए गेम चेंजर साबित होगी। उन्होंने कहा कि सरकार जल प्रबंधन को वैज्ञानिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से मजबूत कर रही है, जिससे पानी का समान वितरण और संसाधनों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित होगा।

रोहतक में जिला लोक संपर्क एवं परिवेदना समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने बताया कि परियोजना के तहत सभी प्रमुख जल नियंत्रण केंद्रों पर आधुनिक एससीएडीए प्रणाली स्थापित की जाएगी। इससे नहरों में पानी के प्रवाह, वितरण और टेल एंड तक पहुंचने वाली जल मात्रा की रियल टाइम निगरानी संभव होगी। योजना में माइक्रो इरिगेशन, भूजल पुनर्भरण और जल संरक्षण जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने 24.36 करोड़ रुपये की लागत से 19 गांवों में फ्लड वर्क्स योजनाओं को मंजूरी दी है, जबकि झज्जर सब ब्रांच नहर की रीमॉडलिंग और रिलाइनिंग पर 14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे किसानों को सिंचाई सुविधा बेहतर मिलेगी और जल हानि कम होगी।

श्रुति चौधरी ने रोहतक में 38.45 करोड़ रुपये से अधिक लागत की छह विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।

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