भागलपुर , जुलाई 28 -- बिहार में भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में बोल बम एवं हर हर महादेव के जयघोष के साथ विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 मंगलवार से शुरु हो गया। उत्तर वाहिनी गंगा तट पर अवस्थित सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट (जहाज घाट) पर आयोजित समारोह में राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दीप प्रज्वलित कर श्रावणी मेला का उद्घाटन किया। इस अवसर ग्रामीण विकास सह सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार, पर्यटन मंत्री केदार गुप्ता, क्षेत्रीय सांसद अजय मंडल, विधायक शुभानंद मुकेश सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। समारोह की अध्यक्षता राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने की।

पूरे सावन मास तक चलने वाले इस मेले के शुभारंभ होने के साथ देश एवं विदेश से गेरुआ वस्त्रधारी श्रद्धालुओं (कांवरियों) के जत्थो का यहां आना शुरु हो गया है। श्रद्धालु यहां (सुल्तानगंज) उत्तर वाहिनी गंगा का पवित्र जल अपने कांवर में भर कर करीब एक सौ आठ किलोमीटर की पैदल यात्रा कर देवघर पहुंचते हैं और बाबा महादेव का जलाभिषेक करते हैं।

इस लंबे कांवरिया मार्ग पर श्रद्धालुओं के पैदल यात्रा के दौरान बड़े- छोटे, अमीर - गरीब एवं ऊंच- नीच का भेदभाव समाप्त हो जाता है और सबो में आपसी सहिष्णुता तथा आध्यात्मिक भाव देखने को मिलता है। मेला क्षेत्र और मुंगेर एवं बांका जिलो के विभिन्न क्षेत्रों से गुजरने वाले समूचे कावंरिया मार्ग पर बोल बम एवं हर हर महादेव के जयकारे से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है। वहीं जगह-जगह पर पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से निर्मित भगवान् शिव के सुंदर पोस्टर एवं भव्य पंडाल श्रद्धालुओं को बरबस अपनी ओर आकर्षित करते हैंइस बीच भागलपुर के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा ने बताया कि श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाएँ, विद्युत आपूर्ति, नियंत्रण कक्ष, आपदा प्रबंधन, सूचना एवं सहायता केंद्र, पार्किंग तथा अन्य सभी आवश्यक जरुरतों की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि तीनों जिलों के वरिष्ठ अधिकारीगण सभी व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण में लगे हुए हैं, जिससे लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही कावंरिया मार्ग पर विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के लिए एक महीने तक पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।

इस बार श्रावणी मेला में देश - विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लंबे पैदल यात्रा को सुविधाजनक बनाने के लिए तीनों जिला प्रशासनों के द्वारा खास इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में यह कहनागलत नहीं होगा कि श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बिहार की समृद्ध आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं लोक परंपरा का जीवंत उत्सव है। जिला प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ, सुगम एवं यादगार व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिये पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

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