घांघरिया/चमोली , जून 01 -- उत्तराखंड के चमोली में प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकिंग के शौकीनों और पर्यटकों का इंतजार सोमवार को समाप्त हो गया, जब विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी को इस वर्ष के पर्यटन सत्र के लिए खोल दिया गया। सोमवार को घाटी के खुलते ही देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उद्घाटन अवसर पर पर्यटकों का स्वागत किया। यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल फूलों की घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और दुर्लभ पुष्प प्रजातियों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। हर वर्ष जून में घाटी को पर्यटकों के लिए खोला जाता है तथा अक्टूबर के अंत तक अथवा हिमपात शुरू होने तक यहां पर्यटकों का आगमन जारी रहता है।

मानसून के दौरान घाटी का सौंदर्य अपने चरम पर पहुंच जाता है। जुलाई से सितंबर के बीच यहां हजारों प्रजातियों के रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं, जो पूरी घाटी को प्राकृतिक रंगों से सजा देते हैं। ब्रह्म कमल, ब्लू पोस्ता, कोबरा लिली सहित अनेक दुर्लभ पुष्प प्रजातियां पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहती हैं।

फूलों की घाटी तक पहुंचने के लिए गोविंदघाट से लगभग 13 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर घांघरिया पहुंचना पड़ता है। इसके बाद करीब तीन किलोमीटर का ट्रेक कर घाटी के प्रवेश द्वार तक पहुंचा जाता है। पर्यटकों को केवल दिन के समय घाटी में भ्रमण की अनुमति है और सूर्यास्त से पूर्व वापस लौटना अनिवार्य होता है।

फूलों की घाटी के खुलने से स्थानीय पर्यटन व्यवसाय को भी गति मिलने की उम्मीद है। होटल, होमस्टे, घोड़ा-खच्चर संचालकों और अन्य स्थानीय कारोबारियों को इस पर्यटन सीजन से बेहतर कारोबार की आशा है।

उद्घाटन अवसर पर रेंजर चेतना कांडपाल, चौकी प्रभारी अमनदीप सिंह, वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद रहे।

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