जालंधर , जुलाई 10 -- विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में 11 से 18 जुलाई तक विशेष परिवार नियोजन अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में परिवार नियोजन शिविर लगाये जाएंगे। सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने शुक्रवार को बताया कि इस वर्ष विश्व जनसंख्या दिवस की थीम "मां और बच्चे की भलाई तथा अनचाहे गर्भधारण की रोकथाम के लिए बच्चों के जन्म के बीच उचित समय और अंतराल" है, जबकि अभियान का संदेश "जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार हो तंदुरुस्त और खुशहाल" रखा गया है। उन्होंने कहा कि दो बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखने से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है तथा परिवार का समग्र विकास संभव होता है।
डॉ गर्ग ने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर परिवार नियोजन के आधुनिक अस्थायी साधन 'बास्केट ऑफ चॉइस' के तहत पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं। इनमें कंडोम (निरोध), गर्भनिरोधक गोलियां (माला-एन और छाया), अंतरा इंजेक्शन तथा कॉपर-टी (आईयूसीडी) शामिल हैं। उन्होंने कहा कि छोटा और नियोजित परिवार बच्चों की बेहतर परवरिश, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करने में सहायक होता है।
सिविल सर्जन ने बताया कि अभियान के तहत 11 जुलाई को सीएचसी करतारपुर, 13 जुलाई को पीपी यूनिट सिविल अस्पताल जालंधर, 14 जुलाई को एसडीएच फिल्लौर, 15 जुलाई को सीएचसी आदमपुर, 16 जुलाई को पीपी यूनिट सिविल अस्पताल जालंधर, 17 जुलाई को एसडीएच नकोदर तथा 18 जुलाई को सीएचसी आदमपुर में विशेष परिवार नियोजन शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इन शिविरों में पात्र दंपतियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में पुरुष नसबंदी और महिला नसबंदी जैसी स्थायी परिवार नियोजन सेवाएं नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।
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