नयी दिल्ली , मई 23 -- केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल में मुख्य मंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नयी सरकार राज्य में औद्योगीकरण के लिए जमीन जुटाने में संवेदनशीलता से काम करते हुए किसानों से पर्याप्त मात्रा में जमीन का प्रबंध कर सकेगी।
श्री गोयल ने कहा, '' ऐसा नहीं है कि पश्चिम बंगाल के किसान जमीन देने के लिए तैयार नहीं हैं, समस्या यह थी कि राज्य में पिछले 50 वर्ष से उद्योगों के लिए उपेक्षा का वातावरण व्याप्त था।...वहां जमीन के अधिग्रहण के काम में संवेदनशीलता नहीं थी।" वह यहां देश वर्ष में 100 औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना 'भव्य' के लिए जारी दिशानिर्देशों को लेकर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे जहां उन्होंने अपनी तीन दिवसीय कनाडा यात्रा के बारे में भी जानकारी दी । श्री गोयल कनाडा के लिए एक बड़े व्यावसायिक दल के साथ आज रात ही प्रस्थान कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में जमीन के अधिग्रहण की चुनौती के बारे में पूछे गये एक सवाल पर श्री गोयल ने कहा, '' मुझे पूरा विश्वास और भरोसा है कि शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नयी सरकार , प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल दिशानिर्देशन में संवेदनशीलता से काम करेगी। सरकार सभी हितधारकों को अपने साथ जोड़ कर आगे बढ़ने में कामयाब होगीत था पश्चिम बंगाल भी महाराष्ट्र ,गुजरात और अन्य राज्यों की तरह उद्योगों के लिए जमीन के बड़े पूल की व्यवस्था कर लेगा। "वाणिज्य मंत्री ने कहा कि ' इरादा नेक हो, नीयत साफ हो तो कहीं भी उद्योगों की स्थापना के लिए पर्याप्त जगह जुटाई जा सकती है।' इससे पश्चिम बंगाल में नये उद्योग लग सकेंगे , उद्यमियों, युवाओं और महिलाओं तथा पूरे राज्य को लाभ होगा।
श्री गोयल ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री अधिकारी ने उनसे फोन पर बात कर के नयी औद्योगिक पार्क योजना के प्रति रुचि दर्शायी है। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान की सरकारों ने भी भव्य योजना के तहत औद्योगिक पार्क के लिए अपने प्रस्ताव पेश करने की इच्छा प्रकट की है। उन्होंने बताया कि इनमें से कई सरकारों ने कई जगह जमीन की पहचान पहले से कर रखी है।
सरकार इस योजना के तहत चार महीने में 50 औद्योगिक पार्कों के प्रस्ताव मंजूर करने का लक्ष्य रखा है।
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