नागपुर , जून 25 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को कहा कि विकास, आधुनिकीकरण और संचालन के लिए जीएमआर समूह के डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का कार्यभार संभालने के बाद नागपुर मध्य भारत के एक अग्रणी विमानन केंद्र और विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने की राह में अग्रसर है।

हवाई अड्डे के हस्तांतरण समारोह को संबोधित करते हुए श्री फडणवीस ने कहा कि यह परियोजना यात्री और माल ढुलाई संपर्क को मजबूत करके, विमानन से जुड़े उद्योगों को आकर्षित करके और रोजगार के बड़े अवसर पैदा करके इस क्षेत्र के लिए विकास के एक नये युग की शुरुआत करेगी। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे का विकास चरणों में किया जायेगा, जिसकी योजनाओं में भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए टर्मिनल के बुनियादी ढांचे का विस्तार, एक नये एकीकृत टर्मिनल का निर्माण और विमानन सुविधाओं में वृद्धि शामिल है।

देश के भौगोलिक केंद्र में नागपुर की रणनीतिक स्थिति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दीर्घकालिक उद्देश्य इस शहर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र में बदलना है।

श्री फडणवीस ने कहा कि हवाई अड्डे का विकास नागपुर को माल ढुलाई संचालन, विमान रखरखाव, मरम्मत, एयरोस्पेस विनिर्माण और संबद्ध उद्योगों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के राज्य सरकार के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह परियोजना नागपुर में मल्टी-मोडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट के विकास को पूरक बनायेगी और क्षेत्र के आर्थिक एवं औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करेगी।

मुख्य योजना (मास्टर प्लान) के हिस्से के रूप में, हवाई अड्डे की क्षमता का चरणों में विस्तार किया जायेगा, जिसमें दूसरी हवाई पट्टी (रनवे) और एक नए एकीकृत टर्मिनल का प्रावधान शामिल है। पूरी तरह से विकसित होने के बाद, इस सुविधा से सालाना 3 करोड़ यात्रियों के आवागमन को संभालने की उम्मीद है, जबकि माल ढुलाई क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

परियोजना की क्षमता पर विश्वास व्यक्त करते हुए श्री फडणवीस ने कहा कि आधुनिकीकरण की यह पहल नये निवेश को आकर्षित करेगी, संपर्क में सुधार करेगी और भारत के प्रमुख विमानन और रसद गंतव्यों में से एक के रूप में नागपुर के उद्भव को गति देगी।

इस अवसर पर बोलते हुए जीएमआर एयरपोर्ट्स के अध्यक्ष जीबीएस राजू ने नागपुर हवाई अड्डे के हस्तांतरण को एक विश्वस्तरीय विमानन द्वार बनने की यात्रा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि जीएमआर एयरपोर्ट्स लिमिटेड हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे और परिचालन दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से एक चरणबद्ध विकास कार्यक्रम शुरू करेगी।

श्री राजू ने कहा, "शुरुआती चरण में यात्री टर्मिनल के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा ताकि सालाना 30 लाख यात्रियों की आवाजाही को संभाला जा सके और एक निर्बाध एवं आरामदायक यात्रा अनुभव सुनिश्चित हो सके।" उन्होंने कहा कि बाद के चरणों में हवाई अड्डे की क्षमता बढ़कर तीन करोड़ यात्री प्रति वर्ष हो जायेगी।

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