नयी दिल्ली , मई 22 -- दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने विद्यार्थियों से ईमानदारी और पेशेवर मूल्यों को बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि विश्वसनीयता ही पेशे की सबसे बड़ी ताकत है।

श्री संधू ने शुक्रवार को यहां आईसीएमएआई की ओर से आयोजित समारोह में कहा कि व्यापार, शासन और अर्थव्यवस्था तेजी से बदल रही है। ऐसे समय में इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) जैसे संस्थानों की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो गयी है। उन्होंने कहा कि आज के लागत एवं प्रबंधन लेखाकार (सीएमए) केवल रिकॉर्ड रखने या बैलेंस शीट तैयार करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह कंपनियों और संस्थानों के बड़े फैसलों में भी अहम भूमिका निभा रहा है। आधुनिक सीएमए को वित्त के साथ-साथ व्यापार मॉडल, संचालन, जोखिम प्रबंधन, दक्षता और रणनीति की समझ भी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के पेशेवर निवेश, मूल्य निर्धारण, विस्तार और लंबी अवधि की योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक, डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तेजी से इस क्षेत्र को बदल रहे हैं और आने वाला समय उन्हीं पेशेवरों का होगा जो नई तकनीकों के साथ खुद को ढाल पाएंगे।

श्री संधू यहां के सी. सुब्रमण्यम कन्वेंशन सेंटर, आईसीएआर-एनएएससी कॉम्प्लेक्स में 13वें राष्ट्रीय छात्र कॉन्वोकेशन 2026 में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम में देशभर से 1,200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें नए सीएमए, रैंक होल्डर्स, शिक्षक, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, नीति निर्माता, पेशेवर सदस्य और अभिभावक शामिल रहे। इस कार्यक्रम में विकसित भारत 2047 के विजन के तहत देश के आर्थिक विकास, वित्तीय पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था में सीएमए पेशे की बढ़ती भूमिका को सामने रखा।कार्यक्रम में श्री संधू के अलावा शिक्षा एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार और पूर्व केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. सत्यानारायण जटिया भी शामिल हुए।

इस मौके पर श्री मजूमदार ने विद्यार्थियों को भारतीय अर्थव्यवस्था के वित्तीय योद्धा बताते हुए कहा कि सीएमए देश को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि आईसीएमएआई पिछले कई दशकों से देश में वित्तीय अनुशासन, लागत नियंत्रण और पारदर्शिता को मजबूत करने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज यह पेशा भारत की विनिर्माण वृद्धि, जीएसटी सुधारों और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों के केंद्र में है।

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