हरिद्वार, फ़रवरी 23 -- त्तराखंड में टिहरी के मुनिकी रेती मे सोमवार को राष्ट्र को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प के साथ आयोजित हिंदू सम्मेलन में समाज को एकजुट होकर सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करने का आह्वान किया गया। मुनिकी रेती के रामलीला मैदान चौदह बीघा में आयोजित भव्य आयोजन में नगर के प्रबुद्धजन, शिक्षाविद, समाजसेवी, विद्यार्थी तथा बड़ी संख्या में मातृशक्ति की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य वक्ता हरीश, विशिष्ट अतिथि सुनील भगत महंत, स्वामी नारायण आश्रम तथा समाजसेवी ममता काला द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।

मुख्य वक्ता हरीश ने अपने संबोधन में बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर के नगरों, गांवों और बस्तियों में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने संघ की शताब्दी यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन ने अनेक चुनौतियों को पार करते हुए सेवा और समर्पण के बल पर स्वयं को विश्व का सबसे बड़ा हिंदू संगठन बनाया है।

विशिष्ट अतिथि सुनील भगत महंत ने हिंदू समाज की वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए समाज को एक सूत्र में बांधने और परिवारों की एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।

समाजसेवी ममता काला ने मातृशक्ति की भूमिका पर विशेष प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज को संगठित और सशक्त बनाने में महिलाओं की भागीदारी निर्णायक है। उन्होंने महिलाओं से जागरूक और सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

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