चंडीगढ़ , अप्रैल 27 -- हरियाणा विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला और कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं और कर्मचारियों से जुड़े अहम मुद्दों से किनारा किया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।

श्री सैनी ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में विपक्ष के उस आरोप को खारिज किया, जिसमें सत्र को असंवैधानिक बताया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सत्र मंत्रिमंडल की मंजूरी और राज्यपाल की अनुमति से विधिवत बुलाया गया। आचार संहिता के बावजूद सत्र पर उठे सवालों को भी उन्होंने निराधार बताया।

इस सत्र में सदन में "हरियाणा लिपिक सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) विधेयक, 2026" सर्वसम्मति से पारित किया गया। इसके तहत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को सरल बनाया गया और लिपिकीय पदों पर प्रमोशन कोटा 20 से बढ़ाकर 30 प्रतिशत कर दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव तो दिया, लेकिन खुद ही सदन से अनुपस्थित रहा। उन्होंने कांग्रेस पर विधानसभा के बाहर समानांतर सत्र चलाने का आरोप लगाते हुए इसे असंवैधानिक बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि विधेयक की प्रति न मिलने का बहाना बनाया गया, जबकि सारी जानकारी नेवा पोर्टल पर उपलब्ध थी।

उन्होंने नारी शक्ति वंदन विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाओं को 2029 से 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार प्रतिबद्ध है।

पंजाब को लेकर भी मुख्यमंत्री ने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उसने झूठे वादोंसे जनता को गुमराह किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भाजपा सरकार बनने पर नशा तस्करी के खिलाफसख्त कार्रवाई की जाएगी।

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