रांची , जून 22 -- झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से विशेष परिस्थितियों में एक माह का अग्रिम वेतन देने का फैसला किया है।

इस व्यवस्था के तहत स्थायी सरकारी कर्मचारी जरूरत पड़ने पर एक महीने के वेतन के बराबर अग्रिम राशि प्राप्त कर सकेंगे।

सरकार के निर्देश के अनुसार कर्मचारियों को यह राशि दो महीने के भीतर बिना किसी ब्याज के वापस करनी होगी। यदि निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं हो पाती है, तो कर्मचारी 12 महीने के भीतर सामान्य ब्याज के साथ किश्तों में भुगतान कर सकेंगे।

सरकार के इस निर्णय का झारखंड राज्य कर्मचारी महासंघ ने स्वागत किया है। महासंघ के एक अधिकारी ने बताया कि संगठन लंबे समय से इस तरह की सुविधा की मांग कर रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। साथ ही उन्होंने त्योहारों के अवसर पर भी अग्रिम वेतन भुगतान की व्यवस्था लागू करने की मांग की।

नई व्यवस्था का लाभ केवल झारखंड सरकार के नियमित और स्थायी कर्मचारियों को मिलेगा। पेंशनभोगी, संविदा कर्मी तथा आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा कोई कर्मचारी तब तक दोबारा अग्रिम वेतन नहीं ले सकेगा, जब तक पहले प्राप्त अग्रिम राशि का पूरा भुगतान नहीं कर देता।

ज्ञातव्य है कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों में लगभग 5.33 लाख पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में करीब 1.83 लाख नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त राज्य में लगभग 1.60 लाख संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मचारी भी विभिन्न स्तरों पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में सरकार के इस फैसले से नियमित कर्मचारियों को राहत मिलेगी, लेकिन पेंशनर्स और संविदाकर्मियों को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित