चंडीगढ़ , अगस्त 30 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर सांसद मनीष तिवारी ने चुनाव कार्यालय से पूरी पारदर्शिता बरतने की मांग की है।
उन्होंने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं की संख्या में हुई बड़ी कमी को लेकर सवाल उठाये हैं। उन्होंने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी पोस्ट साझा की है।
श्री तिवारी के अनुसार, 2024 के लोकसभा चुनाव के समय चंडीगढ़ में 6,59,805 मतदाता थे। चौदह अगस्त को इस संबंध में हुई बैठक में उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इनमें से 3,02,000 मतदाताओं को बिना जांच के बरकरार रखा गया है, जबकि 1,38,070 मतदाताओं को नोटिस जारी किये गये हैं।
इससे पहले दो अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में चंडीगढ़ में कुल 4,50,282 मतदाता रह गये थे। वर्ष 2024 के आंकड़ों से तुलना करने पर 2,09,523 मतदाताओं की कमी सामने आयी, जो करीब 31.76 प्रतिशत है। शहर के 35 वार्डों में औसत कमी 33.72 प्रतिशत रही।
वार्ड स्तर पर भी मतदाताओं की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गयी। वार्ड-6 में 52.76 प्रतिशत, वार्ड-24 में 46.08 प्रतिशत, वार्ड-30 में 45.48 प्रतिशत और वार्ड-12 में 42.93 प्रतिशत की कमी बतायी गयी है।
श्री तिवारी ने चुनाव अधिकारी से इस प्रक्रिया के तहत हटाये गये प्रत्येक मतदाता का नाम, वार्ड, बूथ नंबर और नाम हटाने का कारण उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा नोटिस पाने वाले सभी मतदाताओं की अलग सूची और उनके मामलों की मौजूदा स्थिति की जानकारी भी मांगी है।आधे से अधिक मतदाताओं के बाहर होने का आंकड़ा प्रशासन के आंकड़ों से अलग है। वहीं, दो अगस्त को जारी मसौदा मतदाता सूची में कुल कमी 31.76 प्रतिशत दर्ज हुई थी।
इस प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दाखिल करने का अवसर दिये जाने के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। ऐसे में अंतिम सूची सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वास्तव में कितने मतदाताओं के नाम सूची से बाहर होते हैं।
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