भिण्ड , अगस्त 11 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड जिले में नेशनल हाईवे-552 पर ऊमरी कस्बे के पास करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर बनाया जा रहा दूसरा टोल बूथ स्थानीय लोगों के विरोध के बाद मंगलवार को हटा दिया गया। एमपीआरडीसी और टोल संचालन करने वाली एजेंसी ने बूथ हटाने का फैसला लिया है। अब ऊमरी क्षेत्र में दो स्थानों पर टोल वसूली नहीं होगी।
ऊमरी और अकोड़ा के बीच पहले से टोल प्लाजा संचालित है। इसके बाद ऊमरी कस्बे की दूसरी ओर करीब तीन किलोमीटर दूर दूसरा बूथ बनाया जा रहा था। बूथ का निर्माण तेजी से चल रहा था। इसकी जानकारी मिलने के बाद ग्रामीणों और वाहन चालकों ने विरोध शुरू कर दिया था।
ग्रामीणों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर बूथ हटाने और मामले की जांच की मांग की थी। ऊमरी सरपंच वीरेंद्र यादव ने भी इसका विरोध किया था। ग्रामीणों का कहना था कि इतनी कम दूरी पर दूसरा टोल बूथ बनने से किसानों और स्थानीय वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने टोल शुरू होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
एमपीआरडीसी अधिकारियों के अनुसार लहार की ओर से आने वाले कई वाहन ऊमरी-अकोड़ा टोल से नहीं गुजरते और कनावर होते हुए सीधे उत्तरप्रदेश की ओर चले जाते हैं। इससे टोल एजेंसी को राजस्व का नुकसान हो रहा था। इसी नुकसान की भरपाई के लिए दूसरा बूथ बनाया जा रहा था। अधिकारियों का कहना था कि एक ही यात्रा में किसी वाहन से दो बार टोल नहीं लिया जाएगा।
दूसरे बूथ के निर्माण और ग्रामीणों के विरोध के बाद अब इसे हटा दिया गया है। इससे ऊमरी क्षेत्र में दो स्थानों पर टोल वसूली की योजना पर फिलहाल रोक लग गई है। स्थानीय लोगों ने बूथ हटाए जाने को अपने विरोध की जीत बताया है।
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