देहरादून , अक्टूबर 05 -- उत्तराखंड में भाजपा के राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सोमवार को कांग्रेस पर विरोध की राजनीति करते करते सनातनी परम्पराओं और दिवंगत आत्माओं के अपमान की घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मातृ शक्ति सम्मान की तरह कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री धामी के पितृ श्राद्ध तर्पण पर उपहास करना, नैतिक पतन की पराकाष्ठा है। उन्होंने इसके साथ ही आईना दिखाया कि एक हिंदू व्यापारी को धमकाने वाले कोटद्वार के मुहम्मद दीपक को हीरो बताने वाले राहुल पीड़ित परिवार से मिलने नहीं जाते। वहीं दुनिया में भारतीय शौर्य का प्रतीक बने पायलट के सम्मान में राहुल की जुबान सिली हुई है।

देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए श्री बंसल ने आरोप लगाया कि विपक्ष विशेषकर कांग्रेस की कथनी और करनी में बहुत अंतर है, इसे सभी जानते हैं। लेकिन विरोध की राजनीति करते-करते कांग्रेस आस्थाओं, सनातन परंपराओं के बाद दिवंगत आत्माओं के अपमान का भी काम करने लगी है। कांग्रेस की राजनीति अब विरोध तक सीमित नहीं है। बल्कि दिवंगत परिजनों, सनातन आस्थाओं को निशाना बनाने तक पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी की माता जी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया, सेना के प्रमुख रहे जनरल बिपिन रावत को 'सड़क का गुंडा' कहा। उन्होंने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि, जो कहते हैं "हम मोहब्बत की दुकान चलाते हैं", वह किस प्रकार की नफरत फैलाते हैं यह इसका प्रमाण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अपने दिवंगत पिताजी के तर्पण, श्राद्ध पर की गई कांग्रेस द्वारा ओछी टिप्पणी है। दुर्भाग्यपूर्ण सच यह है कि कांग्रेस कभी भी आस्था, सनातन का अपमान करने से चूकती नहीं है।

श्री बंसल ने सिलसिलेवार ढंग से कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि जिस प्रकार से हल्द्वानी में खड़गे जी की सभा को लेकर एक झूठी कहानी फैलाने का काम किया गया, वह ओछी राजनीति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शहजादे जगह-जगह झूठ की गूज में बोलते हैं कि "हम मोहब्बत की दुकान चलाते हैं" लेकिन उनकी और उनके नेताओं की करतूत बताती है कि सम्मान नहीं, वह केवल नफरत का बाजार लगाते हैं। जहां पर राजनीतिक विरोधियों के माता-पिता का मजाक होता है, उन पर टिप्पणी करना कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति का इन्होंने हिस्सा बन गया है। उन्होंने प्रश्न किया कि जो अपने विरोधियों के माता-पिता का सम्मान नहीं कर सकता, वह मोहब्बत और संवेदना की राजनीति का दावा किस मुंह से कर सकता है?सांसद बंसल ने कोटद्वार में मुहम्मद दीपक के ताजा घटनाक्रम पर कांग्रेस को कठघरे में खड़े कर पूछा कि एक तरफ कांग्रेस सनातन परंपरा और श्राद्ध पर सवाल उठाती है। वहीं दूसरी तरफ मोहम्मद दीपक की गिरफ्तारी पर चुप्पी साधे बैठी है। जबकि उसके खिलाफ गुंडागर्दी और हिंदू व्यापारी को धमकाने के आरोपों में कार्रवाई हुई है। राहुल गांधी के मोहम्मद दीपक के साथ सार्वजनिक मेल-जोल के बाद कांग्रेस की यह चुप्पी सवाल खड़े करती है। क्या कांग्रेस के लिए अपने राजनीतिक करीबियों के लिए अलग मापदंड हैं? उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस मोहम्मद दीपक से मिलकर उसके समर्थन का संदेश देते हैं, उसी व्यक्ति की अब व्यापारी से कथित मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के मामले में जब गिरफ्तारी हुई।

उन्होंने कांग्रेस से पूछा कि क्या राजनीतिक फायदे के लिए कानून-व्यवस्था से जुड़े गंभीर आरोपों वाले लोगों से नजदीकी रखना ही कांग्रेस की राजनीति है? उन्होंने कहा कि मोहम्मद दीपक से मिलने और उसके साथ सार्वजनिक नजदीकी दिखाने के लिए कांग्रेस के नेता कोटद्वार तक पहुंच सकते हैं लेकिन जिस हिंदू व्यक्ति, पीड़ित व्यक्ति, व्यापारी जिससे मारपीट हुई है, उसका हाल पूछने के लिए कोई कांग्रेस का नेता आज तक नहीं गया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि पीड़ित व्यापारी के साथ खड़े होने के बजाय उसके राजनीतिक संपर्क में रहे व्यक्ति के प्रति इतनी सक्रियता क्यों दिखाई गई? सभी देख रहे हैं कि राहुल और कांग्रेस की नजरों में ऐसे लोग हीरो हैं और जो राष्ट्रवादी, सनातनी लोग हैं उनका कांग्रेस अपमान करती है।

संवाददाताओं से बातचीत के दौरान प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र नेगी, प्रदेश प्रवक्ता दीप्ति रावत भी उपस्थित रही।

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