हनोई/ नयी दिल्ली , जुलाई 11 -- वियतनाम में भारतीय पर्यटकों से भरी एक नौका के शनिवार को समुद्र में पलट जाने 15 भारतीयों की डूबने से मौत हो गयी और 17 भारतीयों तथा चालक दल के चार वियतनामी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया।

वियतनाम में भारतीय दूतावास ने दुर्घटना की पुष्टि की है और इस हादसे के शिकार हुए लोगों के नाम जारी कर दिए हैं । इनमें तमिलनाडु के दस पर्यटक सेंथिल कुमार जयवेल, मुरुगा प्रभु अरुमुगम, श्रीधर सुंदरराजन, शेख अब्दुल्ला अब्दुल मजीद, बालाजी नटेसन, विनया कुमार चिथापुरम भास्करा, रविशंकर सुगुमारन, संतोष कुमार शांतिलालजैन, बाबू कुप्पुस्वामी, अलगुराजन सिवासामी शामिल हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के तीन पर्यटक नल्लापेटा आदिशेषय्या रवितेजा, श्रीधर मुदियम, जया लक्ष्मी गल्ली और केरल के दो पर्यटक एविकोट चेरियन थॉमस, लोवेनी थॉमस शामिल हैं।

स्थानीय मीडिया के अनुसार ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की एक चलने वाली मोटरबोट स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे, मशीन में आयी खराबी के कारण पलट गयी जिससे उसमें सफर कर रहे लोग पानी में गिर पड़े। यह स्पीड बोट पर्यटकों को लेकर होन-मे-रुत द्वीप से अन-थोई-पोर्ट की तरफ वापस लौट रही थी। हादसे के समय यह बोट होन-मे-रुत नगोई द्वीप से लगभग 400 मीटर की दूरी पर थी। ये छोटे द्वीप वियतनाम के सबसे बड़े द्वीप फू क्वोक के पास स्थित हैं और यहां पर्यटक 'आइलैंड हॉपिंग' (एक द्वीप से दूसरे द्वीप की यात्रा) और डाइविंग के लिए आते हैं। दुर्घटना के बाद स्थानीय अधिकारियों, तटरक्षक बलों और आस-पास के जहाजों को बचाव कार्य में लगाया गया और वे 21 लोगों को बचा कर सुरक्षित किनारे पर ले आए।

दूतावास ने कहा कि वह मामले पर नजर बनाए हुए है और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। दूतावास के अधिकारी इस त्रासदी से प्रभावित लोगों को जरूरी मदद मुहैया करा रहे हैं। इससे पहले दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक दुखद घटना में कुछ घंटे पहले वियतनाम में फु क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गयी। घटना के सही कारणों का पता लगाया जा रहा है।

प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के वाणिज्य दूतावास ने जानकारी और सहायता प्रदान करने के लिए एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है। हनोई में भी एक अलग सहायता डेस्क स्थापित की गयी है। हो ची मिन्ह सिटी में भारत के महावाणिज्य दूत में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे इन नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है- 84 36 281 7930, 84 91 552 37 14 और 84 33 452 0414। हनोई में भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिससे 84 91 308 9165 पर संपर्क किया जा सकता है।

वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ने विभिन्न मंत्रालयों और अन जियांग प्रांत को इस हादसे के बाद की स्थिति से तुरंत निपटने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री ने इस हादसे के पीड़ितों के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त की है और मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। उन्होंने निर्देश दिया कि स्थानीय अधिकारी पीड़ितों की सहायता के लिए संसाधन जुटाएं, मृतकों के परिवारों से मिलें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कारणों की गहन जांच करें। वियतनामी विदेश मंत्रालय को भारतीय दूतावास और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है ताकि भारतीय नागरिकों से जुड़े वाणिज्य दूतावास के कार्यों, नागरिक सुरक्षा और अन्य मामलों को सुचारू रूप से निपटाया जा सके।

इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, रक्षा मंत्री राजनाथ आदि अनेक गणमान्य लोगों ने दुख प्रकट किया है और शोकाकुल परिवारों के प्रति सहानुभूति प्रकट की है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने घटना पर शोक जताते हुए कहा कि उन्होंने दिल्ली में तमिलनाडु हाउस के अधिकारियों और विदेश मंत्रालय व वियतनाम में भारतीय दूतावास के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं वे तमिलनाडु के पर्यटकों की जानकारी इकट्ठा करें, बचाव कार्यों में तालमेल बिठाएं और ज़रूरी मेडिकल मदद पहुंचाएं। श्री विजय ने कहा कि मृतकों के शवों को राज्य में वापस लाने के लिए वियतनाम में भारतीय दूतावास के ज़रिए भी कोशिशें शुरू कर दी गई हैं।

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