मुंबई , जुलाई 19 -- शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने आज विपक्ष पर पलटवार किया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष भ्रम पैदा करने और नरेन्द्र मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का इस्तेमाल कर रहा है, क्योंकि वह केंद्र के लंबे कार्यकाल के दौरान उस पर भ्रष्टाचार का कोई भी आरोप लगाने में नाकाम रहा है।

उन्होंने दावा किया कि विपक्ष इसलिए परेशान है, क्योंकि वह मोदी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी विश्वसनीय आरोप नहीं लगा पाया है। उन्होंने आरोप लगाया, "इसीलिए श्री वांगचुक को आगे लाया गया है और यह पूरा विवाद खड़ा किया गया है।"नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे सहित अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे श्री वांगचुक को उनके उपवास के 21वें दिन दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया और अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद से विपक्ष ने सरकार पर अपने हमले तेज कर दिये हैं।

पुलिस की कार्रवाई का बचाव करते हुए श्री शिंदे ने कहा कि श्री वांगचुक का स्वास्थ्य बिगड़ गया था और उच्च न्यायालय ने सरकार को उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा, "उनके स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण ही उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।"श्री शिंदे ने आरोप लगाया कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल के दौरान कई भ्रष्टाचार के घोटाले और पेपर लीक के मामले सामने आये थे। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का कोई भी आरोप साबित करने में विफल रहा है।

उन्होंने दावा किया, "विपक्ष अब सरकार को बदनाम करने के लिए नीट पेपर लीक मामले और श्री वांगचुक का इस्तेमाल कर रहा है।"यह पूछे जाने पर कि क्या मौजूदा संसद सत्र के दौरान परिसीमन विधेयक लाया जायेगा, शिवसेना सांसद ने जवाब दिया कि विस्तृत चर्चा के बाद ही इस पर कोई फैसला लिया जायेगा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही संकेत दे चुके हैं कि प्रस्तावित कानून में कुछ बदलाव किये जा सकते हैं।

श्री शिंदे ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने केंद्र में अपनी स्थिति को और मजबूत किया है तथा श्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी ताकत हासिल कर रही है। उन्होंने कहा, "हमारे सांसदों की संख्या अब बढ़कर 13 हो गयी है। हमारे सभी सांसदों को संसद में बोलने का मौका मिलेगा।"श्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना छोड़कर शिंदे की शिवसेना में शामिल होने वाले छह सांसदों के विलय को शनिवार को लोकसभा अध्यक्ष की ओर से दी गयी मंजूरी पर टिप्पणी करते हुए श्रीकांत शिंदे ने कहा कि यह मामला तकनीकी प्रकृति का है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही यह फैसला लिया होगा।

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