जयपुर , अगस्त 21 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को सदन में स्पष्ट किया कि विधानसभा परिसर में प्रवेश की व्यवस्था निर्धारित है और सदन में मुद्दे उठाने की प्रतिपक्ष को पूरी अनुमति है लेकिन सदन की गरिमा से समझौता नहीं किया जायेगा।

श्री देवनानी ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले सदन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि विधानसभा में प्रवेश की व्यवस्था गेट संख्या सात से है, जबकि विधायक आवास परिसर में निवास करने वाले सदस्यों के लिए गेट नम्बर-छह से पैदल आने-जाने की भी व्यवस्था है। गेट नम्बर-छह से समूह में प्रवेश की अनुमति न पहले थी, न आज है और न भविष्य में होगी।

श्री देवनानी ने कहा कि गेट संख्या छह गुरुवार को खुला हुआ था और शुक्रवार को भी खुला रहा है। उन्होंने कहा कि गत बार समूह में आने पर दो व्यक्ति परिसर में आये थे, जिन्हें विधानसभा के सुरक्षा दल ने पहचान कर तत्काल बाहर किया। उन्होंने तत्परता से की गयी कार्रवाई के लिए सुरक्षा दल को धन्यवाद भी दिया। श्री देवनानी ने विधानसभा के गेट पर चढ़कर अंदर आने के प्रयास को अत्यंत पीड़ादायक और गंभीर विषय बताया। विधानसभा की सुरक्षा आवश्यक है। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने सदन में स्पष्ट किया कि विधानसभा की कार्रवाई के दौरान पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। जनहित से जुड़े मुद्दे नियमों और परंपराओं के अनुरूप उठाने की प्रतिपक्ष को अनुमति है। राज्य सरकार द्वारा भी जनहित के विषयों पर समुचित उत्तर सदन में दिया जाना चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान की आठ करोड़ जनता ने अपने प्रतिनिधियों को चुनकर विधानसभा में भेजा है। जनता की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सदस्य सदन में उठायें। सदन की कार्यवाही सौहार्दपूर्ण भावना के साथ चलनी चाहिए। जनता हम सभी को देख रही है। हम सभी को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। सदन में व्यवस्था और नियमों का पालन बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

श्री देवनानी ने सभी सदस्यों से अपील की कि आगामी समय में जब भी सदन की कार्यवाही चले तो हम सभी मिलकर, एकमत से सदन की गरिमा को बनाये रखे।

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