चंडीगढ़ , अक्टूबर 27 -- पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह ने विधानसभा में कांग्रेस विधायकों को प्रवेश से रोकने और विधायक सुखपाल सिंह खैहरा के निलंबन को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना की।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है और संवेदनशील मुद्दों पर जवाबदेही से बच रही है।

श्री सिंह ने कहा कि विपक्षी विधायकों को जनता के मुद्दे उठाने और सरकार से जवाब मांगने के लिए चुना जाता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायक पंजाब के पानी, बांध सुरक्षा कानून, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकार क्षेत्र, बेअदबी के मामलों और भूमि पूलिंग नीति पर चर्चा करना चाहते थे, लेकिन उन्हें सदन में प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने विशेष रूप से महिला विधायकों को रोके जाने पर भी सवाल उठाए और मुख्यमंत्री भगवंत मान से जवाब मांगा।

पंजाब के जल अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केवल विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने से राज्य के हित सुरक्षित नहीं होंगे। उन्होंने यमुना के पानी और राजस्थान को पानी देने से जुड़े मामलों में सरकार से अपना कानूनी रुख स्पष्ट करने तथा अदालतों में पंजाब का पक्ष मजबूती से रखने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले भी प्रस्ताव लाए गए, लेकिन प्रभावी कार्रवाई सामने नहीं आई।

श्री सिंह ने बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को 50 किलोमीटर तक बढ़ाने के फैसले और बांध सुरक्षा कानून से जुड़े मामलों में भी राज्य सरकार की कानूनी पैरवी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब के अधिकारों की रक्षा के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

बेअदबी के मामलों का उल्लेख करते हुए श्री सिंह ने कहा कि इन मामलों में न्याय सुनिश्चित करना पंजाब के लोगों की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने सरकार से पूछा कि संबंधित मामलों में प्रभावी कानूनी पैरवी क्यों नहीं हुई और अब तक ठोस परिणाम क्यों नहीं मिले। उन्होंने कहा कि सरकार को इन मुद्दों पर बयानबाजी के बजाय अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। भूमि पूलिंग नीति पर कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की जमीन का इस्तेमाल कॉरपोरेट घरानों केहित में करना चाहती है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन उनकी आजीविका और पीढ़ियों की मेहनत से जुड़ी है तथा उनकी सहमति और हितों की अनदेखी करके नीतियां नहीं थोपी जानी चाहिए।

श्री सिंह ने दावा किया कि किसानों के विरोध के बावजूद सरकार इस नीति को दोबारा लागू करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसानों के हितों की रक्षा के लिए भूमि पूलिंग नीति का विरोध जारी रखेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि विधानसभा में विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार की विभिन्न मुद्दों पर नाकामी उजागर होने के डर से विपक्ष को रोका जा रहा है और चेतावनी दी कि जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी।

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