नयी दिल्ली , जुलाई 21 -- लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर हंगामा जारी रखा जिससे सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

इसी मुद्दे पर विपक्षी दलों के हंगामे के कारण पूर्वाह्न 11 बजे कार्यवाही स्थगित किये जाने के बाद दोपहर 12 बजे जैसे ही सदन समवेत हुआ, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), द्रमुक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(शरद पवार) और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य जोरदार हंगामा करने लगे और सदन के बीचोबीच आ गये। सपा के कई सदस्य काले रंग के बड़े-बड़े बैनर लिये थे जबकि द्रमुक के सदस्याें ने हरे रंग के बैनर ले रखे थे। कई विपक्षी सदस्य तख्तियां लिये थे।

पीठासीन संध्या राय ने हंगामे के बीच ही विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाये। इसके बाद उन्होंने हंगामा कर रहे और नारे लगा रहे विपक्षी सदस्यों से कहा कि वे अपने-अपने स्थानों पर जायें, सदन की कार्यवाही चलने दें। यह शून्य काल है, इसमें सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सदन में रखकर सरकार से उन्हें दूर करने का आग्रह करते हैं। सभी सदस्यों को नियमानुसार उनकी बातें यहां रखने का मौका दिया जायेगा।

उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का यह व्यवहार उचित नहीं है, पूरा देश देख रहा है कि सदन की कार्यवाही कैसे बाधित की जा रही है। वे अपने-अपने स्थानों पर जायें और सदन कार्यवाही चलाने में सहयोग दें।

विपक्षी दलों के सदस्यों पर श्रीमती राय के आग्रह का कोई असर नहीं हुआ और हंगामा जारी रहा। इस पर उन्होंने सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

इससे पहले पूर्वाह्न 11 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्य अपने-अपने स्थानाें पर खड़े होकर इन्हीं मुद्दों को लेकर शोरगुल करने लगे। इस बीच, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्न पूछने के लिए सदस्य नाम पुकारा लेकिन हंगामा तेज हो गया।

अध्यक्ष ने कहा कि यह प्रश्नकाल है, इसे चलाने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल में सदस्यों को सरकार से प्रश्न पूछने का मौका मिलता है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। उनकी अपील का विपक्षी सदस्यों पर काेई असर नहीं हुआ ,इसके कारण कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी।

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