मुंबई , अगस्त 10 -- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के नेताओं की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर विराम लगाते हुए सोमवार को कहा कि ऐसी मुलाक़ातों में कुछ भी असामान्य नहीं है।

श्री फडणवीस ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने अनुभव का ज़िक्र करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता अक्सर उनसे सार्वजनिक कार्यों और अपने निर्वाचन क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मिलते रहते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसी हर मुलाक़ात का राजनीतिक मतलब न निकालें।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए केंद्र के प्रस्तावित 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन ' (एफसीआरए) विधेयक का भी ज़ोरदार बचाव किया। उन्होंने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि यह कानून किसी खास समुदाय या धर्म को निशाना बनाने के लिए लाया गया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हितों के ख़िलाफ़ गतिविधियों के लिए धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए विदेशी चंदे पर सख़्त नियम ज़रूरी हैं। उन्होंने कहा कि जो संगठन पारदर्शिता से काम करते हैं और वित्तीय नियमों का पालन करते हैं, उन्हें डरने की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं वे अपनी चिंताएं ज़ाहिर करने और संसद में इस मुद्दे पर बहस करने के लिए स्वतंत्र हैं।

श्री फडणवीस ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पर देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के मक़सद से देश भर में "तिरंगा रैली" शुरू करने की घोषणा की। मुंबई और पुणे समेत कई जगहों पर रैलियां आयोजित की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि वह 14 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में होने वाली रैली में शामिल होंगे।

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