पटना , अप्रैल 19 -- राज्यसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दर्शना सिंह ने रविवार को कहा कि विपक्ष के दोहरे चरित्र के कारण संसद के विशेष सत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास नही हो पाया।

श्रीमती सिंह ने आज भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य से इस बिल को संसद के विशेष सत्र में पेश किया था और उनको उम्मीद थी कि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्षी दल उनका साथ देंगे, लेकिन ऐसा नही हुआ।

भाजपा महिला मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा कि संसद और विधानमण्डलों में आरक्षण के नाम पर पिछले तीस वर्षों से महिलाएं ठगी जा रही हैं और जब भी इसकी बारी आती है कांग्रेस और उनके सहयोगी दल रोड़ा अटका देते हैं। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल एक ऐतिहासिक दिन था, जब विपक्ष बड़ा दिल दिखा कर देश की महिलाओं की खुशियो में शामिल हो सकता था, लेकिन उसने यह अवसर गंवा दिया।

भाजपा की राज्यसभा सांसद ने कहा कि महिलाएं स्वभाव से संवेदनशील होती हैं और विपक्ष की इस उपेक्षा को वह भूल नही पाएंगी। उन्होंने कहा कि भविष्य के चुनावों में विपक्षी दलों को अपनी सीटें गवां कर इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

श्रीमती सिंह ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी की सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि संसद और राज्य विधानमण्डलों में महिलाओं को आरक्षण देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता स्पस्ट है और भविष्य में वह इसे जरुर पूरा करेंगे।

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