जयपुर , जनवरी 27 -- राजस्थान की सोलहवीं विधानसभा का पंचम एवं बजट सत्र बुधवार से शुरू होगा और इसके विपक्ष कांग्रेस द्वारा लाये जाने वाले अशांत क्षेत्र विधेयक-2026, मतदाता सूची के गहन विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर) और अन्य कई मुद्दों को लेकर सदन में राज्य सरकार को घेरने की कोशिश करने पर हंगामेदार होने की संभावना है।
विपक्ष के टीकाराम जूली एवं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि सत्र के दौरान विपक्ष जनहित के मुद्दों को लेकर राज्य सरकार को घेरने की कोशिश करेगा और सदन में लाये जाने वाले अशांत क्षेत्र विधेयक-2026 तथा एसआईआर एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने, प्रदेश में बिगड़ती कानून-व्यवस्था सहित कई मुद्दों को लेकर सदन में जोरशोर से अपनी बात रखेगी।
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के सत्र के एक दिन पहले मंगलवार को उनकी अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने पर इसमें सदन शांतिपूर्वक चलने और सभी सदस्यों द्वारा सम्मानजनक एवं गरिमा बनाये रखने वाले शब्दों का उपयोग किये जाने पर सहमति बनी है। पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों ने अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि पक्ष एवं प्रतिपक्ष के सदस्य सदन में मर्यादापूर्ण व्यवहार से अपनी बात रखेंगे।
उधर राज्य सरकार भी इस सत्र को लेकर पूरी तैयारी में हैं और वह विपक्ष के हर मुद्दे का जवाब देने के लिए तैयार हैं। राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने मंगलवार को भाजपा कार्यालय में कार्यकर्ता सुनवाई के बाद पत्रकारों के सवाल के जवाब में बताया कि भाजपा सरकार ने पिछले दो वर्षों में प्रदेश में अनेक विकास कार्य किए हैं और इन्हीं कार्यों के आधार पर भाजपा सरकार विधानसभा में विपक्ष के प्रश्नों का मजबूती से जवाब देगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के पिछले पांच वर्षों के दौरान किए गए कृत्यों को भी जनता के सामने उजागर किया जाएगा। साथ ही भाजपा सरकार द्वारा किये गये विकास कार्यों और उपलब्धियों को सदन और प्रदेश की जनता के समक्ष रखा जाएगा।
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