नयी दिल्ली , अप्रैल 17 -- गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि विपक्षी गठबंधन ने महिला आरक्षण के लागू करने के तरीके का नहीं बल्कि महिला आरक्षण के पूरे प्रस्ताव का ही विरोध किया है।
श्री शाह ने लोकसभा में 'संविधान 131वां संशोधन विधेयक 2026' और उससे जुड़े परिसीमन सहित दो अन्य विधेयकों पर दो दिन चली चर्चा का जवाब देते हुए कहा, ''इंडी गठबंधन के सदस्यों ने चर्चा में यह तो कहा कि महिला आरक्षण का स्वागत करते हैं लेकिन उन्होंने इसको लागू करने के बारे में 'अगर मगर किंतु परंतु' लगाया और उनका यह तरीका लागू करने के तरीके पर नहीं बल्कि महिला आरक्षण का ही विरोध है।''उन्होंने कहा कि जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन एक संवैधानिक प्रावधान है लेकिन यहां इसका विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 81, 82 और 170 में इसके नियम निहित हैं और परिसीमन का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर लोकसभा की सीटों का निर्धारण करना और राज्यों के बीच संतुलन बनाए रखना है। उन्होंने कहा कि संविधान में जनसंख्या के आधार पर परिसीमन के माध्यम से सीटों की संख्या बढ़ाने की व्यवस्था है लेकिन 42वें संविधान संशोधन में इंदिरा गांधी के शासन काल में इन सीटों की संख्या को एक जगह रोक दिया गया।
गृहमंत्री ने कहा कि आज देशभर में 127 सीटें ऐसी हैं जहां 20 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। उन्होंने विपक्ष से इन विधेयकों का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा कि इससे एक मत एक मूल्य का सिद्धांत व्यावहारिक रूप से लागू होगा।
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