नयी दिल्ली , मई 22 -- दिल्ली उच्च न्यायालय ने अंतरराष्ट्रीय स्तर की पहलवान विनेश फोगाट को जारी कारण बताओ नोटिस पर सख्त आपत्ति जताते हुए शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्लूएफआई) की कार्यप्रणाली पर गंभीर नाराजगी जाहिर की है और उसे कड़ी फटकार लगायी है।
अदालत ने डब्लूएफआई की पहलवान विनेश फोगाट को जारी किये गये कारण बताओ नोटिस पर सख्त आपत्ति जतायी है जिसमें महासंघ ने पेरिस ओलंपिक के फाइनल में वजन बढ़ने के कारण उनके अयोग्य होने की घटना को 'राष्ट्रीय शर्म' करार दिया था।
उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने महासंघ के इस रवैये को बेहद असंवेदनशील और प्रतिशोध से प्रेरित बताया।
मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कुश्ती महासंघ के अधिवक्ता से पूछा, "क्या आप इस तरह देश में कुश्ती और खिलाड़ियों की सेवा कर रहे हैं? फाइनल में पहुंचने के बाद उस महिला के साथ एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हुआ और आपने उसे 'राष्ट्रीय शर्म' लिख दिया? क्या हमारा पूरा देश अपनी एक दिग्गज खिलाड़ी के साथ ऐसा ही व्यवहार करता है?"अदालत ने महासंघ को चेतावनी दी कि वह खिलाड़ियों के खिलाफ बदले की भावना से काम करना तुरंत बंद करे। विनेश फोगाट ने मातृत्व अवकाश के बाद रिंग में वापसी करते हुए आगामी एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में शामिल होने की अनुमति के लिए न्यायालय का रुख किया है, जिसका महासंघ विरोध कर रहा था।
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