देहरादून , मई 04 -- उत्तराखंड में गदरपुर क्षेत्र से विधायक, पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे ने उनके नाम से वायरल पत्र को फर्जी और छवि खराब करने का प्रयास बताया है।
इसके साथ ही, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल से भाजपा की छवि खराब करने के प्रयास पर तत्काल माफी मांगने को कहा है।
श्री पाण्डेय ने सोमवार को देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कुछ दिनों से सोशल मीडिया में एक वायरल पत्र को उनका बताकर मेरी और पार्टी की छवि खराब की जा रही है। जबकि वह पत्र मेरा नहीं है और ऐसा कोई भी पत्र मेरे द्वारा प्रधानमंत्री या किसी अन्य को नहीं लिखा गया है।
उन्होंने कहा कि इस फर्जी पत्र के आधार पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष श्री गोदियाल ने जो कुछ कहा, वह बिलकुल झूठ एवं बेबुनियादी है। उनके द्वारा मेरी व्यक्तिगत और संगठन के अनुशासन की छवि को खराब करने का प्रयास किया गया है। उनके इस कृत्य की में कड़े शब्दों में निंदा करता हूं।
श्री पाण्डेय ने कहा कि वह पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं और भाजपा सरकार या संगठन के खिलाफ किसी भी कीमत पर ऐसा कोई कृत्य नहीं कर सकता है। लिहाजा कांग्रेस पार्टी द्वारा राजनैतिक दृष्टि से इस मुद्दे पर जो कुछ कहा जा रहा है, वह असत्य और बेहद आपत्ति है। आगे जो भी पार्टी नेतृत्व का निर्देश होगा, उसी के अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में मेरी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट से बात हुई है और उनके सामने इस पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
विधायक पाण्डेय ने इसी संदर्भ में विस्तार से अपना पक्ष रखते हुए मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि कथित वायरल पत्र पूरी तरह काल्पनिक है और हर मुद्दे पर तत्काल प्रतिक्रिया देना आवश्यक नहीं है, लेकिन झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर राजनीतिक माहौल बिगाड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। वह भाजपा के समर्पित कार्यकर्ता और आरएसएस के स्वयंसेवक हैं। वे संगठन की विचारधारा और अनुशासन के तहत कार्य करते हैं। साथ ही भाजपा का सिपाही हूं, और संघ का स्वयंसेवक हूं।
उन्होंने कहा कि झूठे वायरल पत्र को राजनीतिक लाभ के लिए फैलाया गया है। उन्होंने कांग्रेस से प्रदेश की जनता से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि इस तरह की हरकतें लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं।
इस दौरान प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि अब यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि कांग्रेस पार्टी एक फर्जी पत्र के सहारे भाजपा को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का एकमात्र मकसद अपनी पार्टी में चल रही गुटबाजी और 'सिर फुटौव्वल' से जनता का ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं वे भाजपा के अनुशासन व साफ-सुथरी छवि पर दाग लगाकर कांग्रेस के समक्ष बताना चाहते है। जबकि अरविंद पांडे पार्टी के एक निष्ठावान और बेहद अनुशासित कार्यकर्ता हैं। हमें पहले से ही विश्वास था कि वे ऐसा कोई कार्य नहीं कर सकते जिससे पार्टी की छवि और अनुशासन की मर्यादा को ठेस पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद अब सभी गलतफहमियां दूर हो गई हैं।इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी की नकारात्मक राजनीति की पोल एक बार फिर जनता के सामने खुल गई है।
श्रीमती दीप्ति ने कहा कि कांग्रेस ने विधायक की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है, जो पूरी तरह निंदनीय है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। इस प्रकार की राजनीति से जनता का विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने इसी तरह इस मुद्दे पर अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं की टिप्पणियों पर कहा कि मामले में सुखदेव सिंह नामधारी से भी स्पष्टीकरण लिया जाएगा। पार्टी संगठन इस पूरे मामले की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है और सच्चाई सामने लाई जाएगी।
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