अंबिकापुर , मई 28 -- छत्तीसगढ़ में सूरजपुर जिले के सीतापुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक रामकुमार टोप्पो और राजपुर उप तहसील के नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच कथित मारपीट और विवाद का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर तूल पकड़ता जा रहा है।
गुरुवार को सीतापुर थाना परिसर में उस समय तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई, जब एक ओर राजस्व निरीक्षक संघ भाजपा विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाने पहुंचा, वहीं दूसरी ओर विधायक समर्थकों ने नायब तहसीलदार और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
राजस्व निरीक्षक संघ ने विधायक रामकुमार टोप्पो की 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा। दूसरी ओर विधायक समर्थकों ने नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। दोनों पक्षों के आमने-सामने होने से थाना परिसर का माहौल गर्म हो गया, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
इस बीच कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे "सरासर अन्याय" और "प्रशासनिक लापरवाही" का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि बनने का अर्थ यह नहीं है कि कोई "सिंघम स्टाइल" में मारपीट करे। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी काम नहीं कर रहा है तो नियमानुसार उसका ट्रांसफर या निलंबन किया जाना चाहिए, न कि कानून हाथ में लिया जाए।
अमरजीत भगत ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में यह तीसरी या चौथी ऐसी घटना है और प्रशासन शुरुआती मामलों में कार्रवाई करने के बजाय समझौते की कोशिश करता रहा, जिससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़े। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को भी निष्पक्ष रहने की सलाह देते हुए कहा कि "ज्यादा स्वामी-भक्ति के चक्कर में" ऐसी परिस्थितियां बनती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी यदि मार खाने के बाद बयान बदलकर समझौता करेंगे तो उनकी छवि भी वैसी ही बनेगी।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई देते हुए कहा, "मेरी बहन के साथ तहसीलदार ने दुर्व्यवहार किया।" उन्होंने कहा कि समर्थकों ने आक्रोश जरूर जाहिर किया, लेकिन उन्होंने स्वयं किसी प्रकार की मारपीट नहीं की। विधायक ने कहा, "आरोपों के आधार पर मेरे खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। मेरी बहन की शिकायत पर भी केस दर्ज हुआ है, यही एफआईआर है।"उन्होंने कहा कि पूरे मामले का सच पुलिस जांच में सामने आएगा और उन्हें पुलिस की निष्पक्ष जांच पर भरोसा है।
फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर जांच में जुटी हुई है।
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