हनुमानगढ़ , सितम्बर 26 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ से निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को शनिवार को जिला एवं सत्र न्यायालय से जमानत मिल गयी।
करीब 23 वर्ष पुराने कथित फर्जी पट्टा मामले में चार दिन पुलिस हिरासत और एक दिन न्यायिक हिरासत में रहने के बाद आज शाम उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।
सीआईडी-सीबी ने गणेशराज बंसल को गिरफ्तार किया था। इससे एक दिन पहले सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता संदीप सोनी की शिकायत पर हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में दो मामले दर्ज हुए थे। आरोप है कि वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ जंक्शन के सेक्टर-9एल में नगरपरिषद की ओर से भूखंड संख्या आठ और 16 के पट्टे कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी किए गए। इस मामले में विधायक, उनकी पत्नी एवं तत्कालीन चेयरपर्सन संतोष बंसल, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी भंवरलाल सोनी और भूखंड मालिकों के नाम दर्ज हैं।
समर्थकों का आरोप है कि गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित थी। हनुमानगढ़ नगर परिषद चुनाव में गणेशराज बंसल के समर्थक 34 वार्डों में जीतकर बहुमत में आ गये थे। गत 21 सितंबर को सभापति चुनाव में उनकी समर्थक मंजू रिणवा 35 मतों से सभापति चुनी गईं। भाजपा को 16 और कांग्रेस को नौ मत मिले। इस तरह निर्दलीय गुट ने दोनों बड़ी पार्टियों को हराया। समर्थकों का कहना है कि दबाव बनाने के लिए राज्य सरकार ने यह कार्रवाई करवाई।
सं सुनील अशोकवार्तागिरफ्तारी के बाद सीआईडी-सीबी को चार दिन का पुलिस रिमांड मिला। कल शुक्रवार को उन्हें सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। जांच एजेंसी ने और सात दिन का रिमांड मांगा, लेकिन अदालत ने इनकार कर दिया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आज अधिवक्ता मनजिंदर लेघा ने जिला एवं सेशन न्यायालय में जमानत अर्जी पर दलीलें दीं। दोपहर बाद अदालत ने अर्जी स्वीकार कर ली।
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