भोपाल , फरवरी 24 -- मध्यप्रदेश विधानसभा में आज कांग्रेस के एक विधायक ने आरोप लगाया कि राज्य भर में सरपंचों और पंचों को मिलने वाले मानदेय समय पर नहीं मिल रहा और वे स्वयं विधायक रहने के पहले सरपंच थे और उन्हें इसका मानदेय नहीं मिला है।

कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ने प्रश्नकाल के दौरान सरपंचों और पंचों को दिए जाने वाले मानदेय के बारे में पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल से सवाल किया। उन्होंने कहा कि सरपंचों और वार्ड पंचों का मानदेय बहुत कम है और समय पर मिलता भी नहीं है।

इसी क्रम में उन्होंने कहा कि वे स्वयं सरपंच रहे, दो साल में सिर्फ चार महीने का मानदेय मिला।

उत्तर में श्री पटेल ने कहा कि सबसे पहले विधायक उसी पंचायत का नाम बता दें, जिसमें वे सरपंच रहें हैं, ताकि वहां का रिकाॅर्ड देखा जा सके। साथ ही उन्होंने कहा कि 2023 में मानदेय बढ़ाए गए थे और अब सभी को मानदेय दिया जा रहा है।

मंत्री के जवाब से असंतुष्ट श्री मल्होत्रा ने कहा कि उनके स्थान पर अब उनका पुत्र सरपंच है और उसे भी मानदेय नहीं मिल रहा है।

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