नयी दिल्ली , अक्टूबर 27 -- चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में अगले वर्ष के शुरू में विधान सभा चुनाव को देखते हुए वहां चुनाव ड्यूटी से जुड़े ऐसे अधिकारियों के स्थानांतरण और पदस्थापन के लिए मंगलवार को विस्तृत निर्देश जारी किये जो अपने गृह जिले में तैनात हैं या किसी जिले में तीन साल से अधिक समय से तैनात हैं।
इन राज्यों में उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर भी शामिल हैं।
चुनाव आयोग की ओर से इन राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों से कहा गया है, " आयोग ने तय कियाहै कि चुनाव ड्यूटी से जुड़े किसी भी अधिकारी को उस जिले में तैनात रहने की अनुमति नहीं होगी, यहि वह अपने गृह जिले में ड्यूटी पर तैनात है या वह उस जिले में पिछले चार में से तीन साल से अधिक समय से ड्यूटी पर तैनात रहा है। "आयोग ने स्पष्ट किया है कि गोवा, मणिपुर, पंजाब तथा उत्तराखंड में अगले वर्ष 31 मार्च को एक जिले में तीन साल तक ड्यूटी पर तैनाती पूरा करने वाले ऐसे अधिकारी भी उस जिले में नहीं रखे जा सकेंगे। उत्तर प्रदेश के संबंध में यह तिथि अगले साल 31 मई होगी।
उल्लेखनीय है कि गोवा विधान सभा का कार्यकाल अगले साल 14 मार्च, मणिपुर 13 मार्च, पंजाब 16 मार्च, उत्तराखंड 28 मार्च तथा उत्तर प्रदेश विधान सभा का कार्यकाल 22 मई को समाप्त हो रहा है।
आयोग ने कहा है कि इन निर्देशों का पालन करते समय यह ध्यान में रखा जाए कि चुनाव ड्यूटी से जुड़े अधिकारियों का स्थानांतरण उनके गृह जिले में न किया जाए। इसके साथ ही किसी भी जिला निर्वाचन अधिकारी, चुनाव अधिकारी, सहायक चुनाव अधिकारी, पुलिस उप निरीक्षक तथा उससे बड़े अधिकारी को उस निर्वाचन क्षेत्र में तैनात न किया जाए, जिसमें वह पिछले विधान सभा चुनाव या उसके बाद के किसी उप चुनाव में वहां तैनात रहा हो।
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