लखनऊ , अगस्त 3 -- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को विधान परिषद में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से जुड़े उठाए गए प्रश्नों और जनहित के मुद्दों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए विधानसभा स्थित कक्ष संख्या-101 में विभागीय अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग अजय चौहान, विभाग के सचिव प्रकाश बिन्दु, प्रमुख अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सदन में उठाए गए प्रश्नों के समयबद्ध और तथ्यात्मक उत्तर तैयार करने तथा विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधान परिषद और विधानसभा में जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए प्रत्येक प्रश्न का समय पर और तथ्यों के आधार पर उत्तर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मामलों और विभागीय परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सदन में उठाए गए प्रत्येक विषय को पूरी गंभीरता से लेते हुए कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए।

श्री मौर्य ने कहा कि सरकार सदन की कार्यवाही को सुचारु और नियमों के अनुरूप संचालित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सदन प्रदेश के विकास और जनता की आवाज को प्रभावी ढंग से उठाने का सर्वोच्च मंच है। उन्होंने विपक्ष से रचनात्मक सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सदन का बहुमूल्य समय बाधित नहीं किया जाना चाहिए। कार्यवाही में व्यवधान से जनहित के मुद्दे प्रभावित होते हैं और जनता के धन का भी दुरुपयोग होता है। उन्होंने विपक्ष से सकारात्मक चर्चा में भाग लेने का आग्रह किया।

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से गड्ढामुक्त सड़क अभियान, नए पुलों के निर्माण तथा ग्रामीण संपर्क मार्गों से संबंधित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित