भराड़ीसैंण (गैरसैंण) , मार्च 12 -- उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा में बजट सत्र के चौथे दिन गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए तैनात पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ पहुंचे और ड्यूटी पर तैनात जिला पुलिस, पीएसी, एसडीआरएफ, फायर, अभिसूचना और आईआरबी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से सीधा संवाद किया।
श्री सेठ ने विषम भौगोलिक परिस्थितियों में कर्तव्य निभा रहे पुलिस जवानों से उनकी चुनौतियों, ड्यूटी से जुड़ी कठिनाइयों तथा व्यवस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भराड़ीसैंण की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं और सत्र के दौरान प्रदर्शन जैसी स्थितियों के कारण सुरक्षा व्यवस्था और अधिक संवेदनशील हो जाती है। इसके बावजूद यहां तैनात पुलिसकर्मी पूरी तत्परता, अनुशासन और प्रशिक्षण के साथ हर परिस्थिति का डटकर सामना करते हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने कहा कि जब भी भराड़ीसैंण में सत्र आयोजित होता है, तब प्रदेश के विभिन्न जिलों से पुलिस बल यहां ड्यूटी के लिए आता है। ऐसे अवसर पुलिस मुख्यालय के लिए भी महत्वपूर्ण होते हैं, क्योंकि इससे पुलिसकर्मियों से वन-टू-वन संवाद कर उनके रहने, खाने-पीने की सुविधाओं, ड्यूटी की व्यवस्थाओं तथा व्यक्तिगत समस्याओं के बारे में सीधे जानकारी मिलती है।
डीजीपी ने जवानों से ड्यूटी, रहने-खाने की व्यवस्था और फील्ड तैनाती को लेकर महत्वपूर्ण फीडबैक लिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतर अवसर है जब ग्राउंड जीरो पर काम कर रहे पुलिसकर्मियों से सीधे सुझाव प्राप्त हो रहे हैं, जिससे भविष्य की कार्ययोजनाओं को और बेहतर बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस कर्मियों की निजी, पारिवारिक या पोस्टिंग से जुड़ी समस्याएं पुलिस मुख्यालय तक नहीं पहुंच पातीं लेकिन इस प्रकार के प्रत्यक्ष संवाद से उन मुद्दों को समझने और समाधान की दिशा में कदम उठाने का अवसर मिलता है।
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